कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

डीयू के छात्रसंघ अध्यक्ष नहीं बता पाए एक भी अध्यापक और विषय का नाम, टीयू से स्नातक होने का किया था दावा

एनएसयूआई का आरोप था की अंकिव बैसोया ने दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के लिए नकली दस्तावेज जमा करवाये हैं।

जनता के सवाल:

प्रश्न 1 – क्या ऐसा संभव है कि अंकिव बैसोया अपने अध्यापकों का नाम भूल गए हों?

प्रश्न 3 – फर्जी डिग्री के दावे के बावजूद भी अंकिव बैसोया के ख़िलाफ़ क्यों नहीं हो रही ठोस कार्रवाई?

प्रश्न 4 – क्या अंकिव बैसोया को बचाने की कोशिश कर रही है भाजपा?   

डीयू छात्रसंघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष और आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता अंकिव बैसोया की फ़र्ज़ी डिग्री के मामले में एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में आज तक चैनल के संवावदाता ने अंकिव बैसोया का साक्षात्कार किया है। इसमें अंकिव से तिरुवल्लुवार विश्वविद्यालय के बारे में कुछ सवाल किए गए हैं, जिन्हें सुनकर छात्रसंघ नेता के पसीने छूटने लगे।

गौरतलब है कि अंकिव बैसोया ने दावा किया था कि उन्होंने तिरुवल्लुवार विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। लेकिन पत्रकार के सवालों को सुनकर उनके सिर चकराने लगे। अंकिव तिरुवल्लुवार विश्वविद्यालय के एक भी शिक्षक का नाम और अपने विषय से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे सके।

अंकिव ने बताया कि मैंने 2013 से 2016 के बीच अपना स्नातक पूरा किया है। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कौन-कौन से विषयों की पढ़ाई की है तो वह सही ढंग से अपने विषयों का नाम नहीं बता पाए। अंकिव उन विषयों का नाम भी नहीं बता पाये, जिन्हें पढ़कर वे स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने का दावा किया है।

वहीं जब संवावदाता ने तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय के किसी अध्यापक या एचओडी का नाम पूछा तो अंकिव ने जवाब दिया, “मुझे स्नातक किए दो साल हो गए हैं, अभी तो अध्यापकों के नाम याद नहीं आ रहे हैं जैसे ही याद आएंगे मैं आपको बता दूंगा।”

ज्ञात हो कि नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया छात्र संघ (एनएसयूआई) ने यह आरोप लगाया था कि अंकिव बैसोया ने दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के लिए नकली दस्तावेज जमा करवाये हैं।

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