कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

चुनाव आयोग ने मनगढ़ंत नियमों के तहत PM मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने वाले अफसर को निलंबित किया?

क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कानून अलग से लागू होता है?

मंगलवार, 16 अप्रैल को चुनाव आयोग ने कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी और ज़िले में चुनाव के सामान्य प्रेक्षक मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया था. आयोग का कहना था कि मो. मोहसिन ने एसपीजी सुरक्षा पाने वाले गणमान्य लोगों के लिए बनाए गए निर्देशों का पालन नहीं किया.

यह बात मानी जाती है कि मोहसिन को निलंबित किया गया क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी ली थी. प्रधानमंत्री मोदी ने संबलपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था. समाचार एजेंसी पीटीआई को किसी सूत्र ने बताया, “एसपीजी सुरक्षा पाने वाले लोगों को जांच से छूट दी गई है. मोहसिन को इन निर्देशों का पालन करना चाहिए था. उनके निलंबन का कारण कर्तव्यविमुखता को माना गया है.”

बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निलंबन पत्र में जिन दो नियमों का हवाला दिया गया है, उसमें के एक नियम में इस तरह के कोई निर्देश नहीं हैं. और दूसरा नियम चुनाव आयोग के वेबसाइट पर नहीं दिखा

चुनाव आयोग ने इस निलंबन पत्र में दो निर्देशों का हवाला दिया है. पहला नियम 12 अप्रैल 2014 को जारी किया गया था, जिसकी संख्या 464/INST/2014/EPS थी. दूसरा निर्देश 22 मार्च 2019 को जारी किया गया था जिसका क्रम संख्या 76/instruction 2019/EEPS/Vol-1 है.

464/INST/2014/EPS क्रम संख्या वाले पत्र में एसपीजी सुरक्षाधारियों के वाहन या काफ़िले की तलाशी से संबंधित कोई प्रावधान नहीं लिखे गए हैं.

SPG-Direction-ECI_20190417233758082

इसी प्रकार चुनाव आयोग की ऑब्जर्वर हैंडबुक में भी एसपीजी सुरक्षाधारियों के काफ़िले की तलाशी से जुड़ा कोई नियम नहीं हैं. चुनाव आयोग की वेबसाइट पर No.76/Instruction 2019/EEPS/Vol-I जैसा कोई प्रावधान नहीं मिला.

न्यूज़सेंट्रल24X7  ने चुनाव आयोग से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फ़ोन का कोई जवाब नहीं मिल सका. चुनाव आयोग का पक्ष सामने आने के बाद इस स्टोरी को अपडेट किया जाएगा.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का कहना है कि हालांकि एसपीजी सुरक्षा पाने वाले लोगों की व्यक्तिगत रूप से जांच नहीं की जाती, लेकिन ऐसे कई मामले हैं, जहां एसपीजी सुरक्षाधारियों के काफ़िलों की तलाशी ली गई है.

सामान्य तौर पर भारतीय निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार चुनावी अभियान में शामिल गाड़ियों की तलाशी ली जाती है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की धांधली ना हो सके.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि जो मोदी जी एजेंसियों का दुरुपयोग कर पूरे विपक्ष पर छापेमारी का खेल रचते हैं, वो 15 मिनट की चेकिंग से इतना डर गये कि चुनाव आयोग को अपने ही अफ़सर को हटाना पड़ा!

बता दें कि बीते 8 अप्रैल को कर्नाटक के चित्रदुर्ग में प्रधानमंत्री मोदी के हेलीकॉप्टर से एक रहस्यमयी बक्सा निकलते हुए देखा गया था. इसके बाद उस बक्से को एक निजी वाहन में रखकर ले जाया गया जो प्रधानमंत्री मोदी के काफ़िले का हिस्सा नहीं था.

(स्कीनशॉट)

भारतीय जनता पार्टी के चित्रदुर्ग इकाई के अध्यक्ष के एस नवीन ने डेक्कन हेराल्ड को बताया था कि उस बक्से में एक टेलीप्रॉम्पटर और अन्य विद्युत उपकरणों को रैली स्थल पर ले जाने की जल्दी थी, इसलिए एक निजी वाहन से ले जाया गया.

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