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गिरती अर्थव्यवस्थाः कम हो रही है मारुति सुजुकी की मांग, 26.8 प्रतिशत घटा कारों का उत्पादन

मारूति सुजूकी की बिक्री में कमी भारतीय बाजार में गाड़ियों की मांग में कमी को दर्शाता है.

मारुति सुजुकी इंडिया के उत्पादन में पिछले एक साल में 26.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. मांगों में कमी की वज़ह से कंपनी ने उत्पादन को घटाया है.

बिजनेस स्टैंडर्ड में शेली सेठ मोहिल की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने पिछले साल 1,72,000 से ज्यादा गाड़ियों का उत्पादन किया था, लेकिन इस बार कंपनी मात्र 1,26,000 कारों का ही निर्माण कर पाई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बिक्री में हुई कमी की वज़ह से निर्माण में गिरावट आई है. बीते साल अप्रैल से इस साल के फरवरी तक के 11 महीने में मारूति की घरेलू बिक्री में मात्र 6.7 प्रतिशत की ही वृद्धि देखी गई है. इसी बीच मारूकी सुजूकी इंडिया का शेयर चार प्रतिशत लुढ़क कर 6,780 रुपए पर आ गया है.

अख़बार के मुताबिक लोकसभा चुनाव के पहले मांग में अनिश्चितता की वजह से उत्पादन में कमी आई है. मारूति सुजूकी के प्रवक्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2019 में कंपनी का उत्पादन मार्च 2015 के बाद सबसे कम स्तर पर है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि बिक्री में सबसे अधिक वृद्धि 2018-19 की पहली तिमाही में देखी गई है. जून 2018 के बाद हर महीने कारों की बिक्री कम हुई है.

बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में मारूति सुजूकी के एक सप्लायर ने कहा है, “जो कुछ भी हमारी प्लानिंग थी, उसके हिसाब से काम नहीं हो पाया और महीने दर महीने कारों की बिक्री कम होती गई. इस साल में 20 लाख कारों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन मात्र 18 लाख 70 हजार कारों का निर्माण ही कर पाएगी.”

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मारूति सुजूकी की बिक्री में कमी भारतीय बाजार में गाड़ियों की मांग में कमी को दर्शाता है.

रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से फरवरी के बीच पैंसेजर गाड़ियों में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 3.09 मिलियन कारों का उत्पादन हो पाया है.

एक ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी के बड़े अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि हर दूसरी दोपहिया और कार कंपनी डिमांड को कम करने के लिए उत्पादन कर रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस सेक्यूरिटीज़ के अनुसंधान विभाग के उपाध्यक्ष मितुल शाह का कहना है, “भारत का यात्री वाहन बाजार एक चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल का सामना कर रहा है. पिछले कुछ महीनों में शहरी क्षेत्रों में बिक्री की गिरावट और ग्रामीण बिक्री की वृद्धि भी एकल अंकों में सिमट कर रह गई है. कई इलाकों में मानसून की कमी की वजह से ग्रामीण अर्थव्यवस्था  प्रभावित हो रही है, जिसके कारण पिछले चार से पांच महीने में मांगों में भारी गिरावट दर्ज की गई है.”

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