कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

दिल्ली में वरिष्ठ डॉक्टर से पूछा गया उनका धर्म, फिर “जय श्री राम” के नारे लगाने के लिए किया गया मजबूर

"मैं जय श्री राम बोल दिया था. उसके बाद भी उन्होंने तेज आवाज़ में जय श्री राम बोलने के लिए कहा. इसके बाद मैं वहां से भाग गया."

प्रख्यात डॉक्टर व लेखक डॉ. अरुण गद्रे को दिल्ली में कुछ युवकों के गैंग द्वारा उनकी धार्मिक पहचान पूछकर जय श्री राम बोलने के लिए दबाव बनाया गया है. यह घटना दिल्ली के क्नॉट प्लेस क्षेत्र में बीते 26 मई की है.

द हिन्दू के मुताबिक डॉ. गद्रे का कहना है, “26 मई की सुबह 6 बजे मैं टहल रहा था. अचानक से कुछ युवकों ने मुझे घेर लिया और जय श्री राम बोलने के लिए कहा. मैं थोड़ी देर रूका फिर जय श्री राम बोल दिया. उसके बाद उन्होंने तेज आवाज़ में जय श्री राम बोलने के लिए कहा. इसके बाद मैं वहां से भाग गया, फिर उन्होंने मेरा पीछा नहीं किया. मुझे शारीरिक तौर पर कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. इस कारण मैंने इसकी शिकायत नहीं की ना ही खुले तौर पर किसी को बताया.. मैं इस घटना को ध्यान ना देने लायक मानता हूं और सभी से अनुरोध करता हूं कि इसे तुच्छ मानें.”

द हिन्दू के मुताबिक डॉ. गद्रे ने इससे जुड़ी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है.

डॉ. गद्रे ने इस घटना के बारे में वरिष्ठ पत्रकार अनंत बगैतकार से बताया था. द हिन्दू के मुताबिक अनंत बगैतकार का कहना है, “26 मई को डॉ. गद्रे दिल्ली के जंतर मंतर इलाके में टहल रहे थे. अगले दिन उन्हें इंडियन मेडिकल एसोशियशन द्वारा आयोजित व्याख्यान में हिस्सा लेने बिजनौर जाना था. जब वे टहल रहे थे तभी क्नॉट प्लेस के हनुमान मंदिर के पास पांच छ: की संख्या में युवक आए और डॉ. गद्रे से उनका धर्म पूछा. फिर उन्होंने डॉ. गद्रे से जय श्री राम बोलने के लिए कहा.” डॉ. बगैतकार ने आगे कहा कि हाल ही में डॉ. गद्रे की बाइपास सर्जरी हुई है, इस घटना से वे बुरी तरह डर गए थे.

बता दें कि डॉ. गद्रे मेडिकल क्षेत्र में रोगियों के अधिकार को लेकर सक्रिय रहे हैं और वे डॉ. प्रकाश आम्टे के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने डॉ. अभय शुक्ला के साथ मिलकर डिस्सेन्टिंग डायग्नोसिस नामक किताब भी लिखी है.

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