कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

ईवीएम में कहीं ना कहीं मौजूद है गड़बड़ी, इंजीनियर के तौर पर मैं EVM से संतुष्ट नहीं: सैम पित्रोदा

सैम पित्रोदा ने कहा, "अगर कोई मुझे एक साल के लिए ईवीएम अध्ययन के लिए दे दे, तब ही मैं कुछ कह सकता हूं.’’

टेक्नोक्रेट से राजनीतिक नेता बने सैम पित्रोदा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह महसूस करते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में कुछ गड़बड़ है. इस कांग्रेस नेता ने कहा वह फिलहाल इस गड़बड़ी की ओर ठीक ठीक इशारा नहीं कर सकते और इसके लिए इस मशीन का अध्ययन करने की जरूरत है.

पित्रोदा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बतौर अभियंता, एक तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में, मैं ईवीएम से संतुष्ट नहीं हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं साफ साफ कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं क्योंकि मेरे पास ईवीएम नहीं है. अगर कोई मुझे एक साल के लिए ईवीएम अध्ययन के लिए दे दे, तब ही मैं कुछ कह सकता हूं.’’

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सलाहकार पित्रोदा ने कहा, ‘‘आपको डिजाइन और सॉफ्टवेयर समझना होगा. लेकिन एक बात बहुत निश्चित है कि इसके साथ कुछ तो गड़बड़ है. हमें नहीं पता कि क्या गलत है.’’

ज्ञातव्य है कि विपक्षी दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता को संदेहास्पद होने का दावा करते हुये लोकसभा चुनावों में कम से कम 50 प्रतिशत वीवीपैट पर्ची की गणना करने की मांग की है. उन्होंने कांग्रेस की न्याय योजना के बारे में भी चर्चा की.

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