कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

1999 के बाद से कई बार ग़लत साबित हुए हैं एग़्जिट पोल, 23 मई तक का करें इंतज़ार: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

"23 मई तक सभी लोग अपना आत्मविश्वास दिखाएंगे और दावा करेंगे पर इसका कोई आधार नहीं है."

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आम चुनाव 2019 के एग्जिट पोल की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि हमें समझना चाहिए कि एग्जिट पोल अंतिम चुनाव परिणाम नहीं हैं और 1999 के बाद से अबतक ज्यादातर एग्जिट पोल ग़लत साबित हुए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ वेंकैया नायडू गुंटूर में एक अनौपचारिक कार्यक्रम में अपने शुभचिंतकों से मुलाकात कर रहे थे.

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सभी पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं. उन्होंने कहा, “23 मई तक सभी लोग अपना आत्मविश्वास दिखाएंगे और दावा करेंगे पर इसका कोई आधार नहीं है, इसलिए हमें 23 तारीख तक का इंतजार करना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि देश और राज्य को एक मजबूत सरकार और नेता की जरूरत है, चाहे वो कोई भी हो. उपराष्ट्रपति ने यहां यह भी कहा कि कोई भी परिवर्तन सबसे पहले राजनीतिक दलों को अपने भीतर करना चाहिए. उन्होंने कहा, “अगर लोकतंत्र को मजबूत करना है और लोगों के लिए कुछ अच्छा करना है तो राजनीतिक दलों को चुनाव, उम्मीदवारों का चयन जैसे कामों को जिम्मेदारी पूर्वक और बेहतर ढंग से करना चाहिए.

उपराष्ट्रपति ने मौजूदा दौर की राजनीति में शिष्टाचार ख़त्म हो जाने पर भी दु:ख व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “राजनेताओं के बयानबाजी का स्तर गिर गया है. वे लोग यह बात भूल गए हैं कि राजनीति में कोई किसी का दुश्मन नहीं बल्कि सिर्फ प्रतिद्वंद्वी होता है.”

उपराष्ट्रपति ने चुनाव के ठीक पहले लोकलुभावन और मुफ़्त में दिए जाने वाले फायदे की भी आलोचन की है. उन्होंने कहा, “राजनीतिक पार्टियों को पांच साल के लिए जनादेश मिला होता है. आपको काम करना चाहिए, तो काम करने की बजाय आप अंतिम समय में मुफ़्त में चीजें बांटने लगते हो. मैं हमेशा से इसके ख़िलाफ़ रहा हूं.”

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