कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

फैक्ट चेकः ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को वन्दे मातरम् कहने से मना किया? सोशल मीडिया पर गलत दावा प्रसारित

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

*पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रही थीं और उन्होंने वंदेमातरम् का जिक्र नहीं करने का निर्देश दिया, लेकिन पार्टी ने उनकी सलाह का गुस्से से विरोध किया और वंदेमातरम् का जाप करना शुरू कर दिया और पूरे कार्यालय को नष्ट कर दिया। अंततः राष्ट्र के लिए बंगाली हिन्दू भी जाग रहा है।*

*कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितनी शिद्दत से अन्य राजनीतिक दल और उनके नेता भारत को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं, भारतीयों को यह भी धीरे धीरे समझ आ ही जाएगा..इस संदेश को आगे बढ़ाएं ताकि पूरे भारत को इस देशद्रोही, मुख्यमंत्री की सच्चाई का पता चले ।* 

इस संदेश के साथ सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो साझा किया गया है। इस वीडियो में ममता बनर्जी को उनके आसपास खड़े लोगों पर चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। उसके बाद के दृश्यों में लोगों को उस जगह पर तोड़फोड़ करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो में यह दावा किया गया है कि ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्त्ताओं की एक मीटिंग बुलाई थी, जहां वन्दे मातरम् बोलने को लेकर हंगामा हुआ और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने सुप्रीमो के बचाव में पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की और वन्दे मातरम् के नारे लगाए।

*पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रही थीं और उन्होंने वंदेमातरम् का जिक्र नहीं करने का निर्देश दिया, लेकिन पार्टी ने उनकी सलाह का गुस्से से विरोध किया और वंदेमातरम् का जाप करना शुरू कर दिया और पूरे कार्यालय को नष्ट कर दिया। अंततः राष्ट्र के लिए बंगाली हिन्दू भी जाग रहा है।**कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितनी शिद्दत से अन्य राजनीतिक दल और उनके नेता भारत को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं, भारतीयों को यह भी धीरे धीरे समझ आ ही जाएगा..इस संदेश को आगे बढ़ाएं ताकि पूरे भारत को इस देशद्रोही, मुख्यमंत्री की सच्चाई का पता चले ।*

Posted by Anand Kumar on Monday, May 27, 2019

इसी संदेश के साथ कुछ व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं द्वारा इस वीडियो को फेसबुक पर साझा किया गया हैं।

यह वीडियो को व्हाट्सअप पर भी शेयर किया जा रहा है। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस वीडियो और इसके साथ किये गए दावे की पुष्टि करने के लिए ऑल्ट न्यूज़ से संपर्क किया है।

13 साल पुराना वीडियो

इस वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। यह 2006 में लिया गया था। इस वीडियो में दिख रहा स्थान पश्चिम बंगाल की विधानसभा है। पश्चिम बंगाल में उस वर्ष टाटा मोटर्स द्वारा सिंगूर में टाटा नैनो के उत्पादन के लिए औद्योगिक कारखाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसके विरोध में प्रदर्शन भी हुआ था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), जो कि उस वक़्त विपक्ष में थी, वे इस प्रस्ताव के विरोध प्रदर्शन में सबसे आगे थी। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उस वक़्त विरोध प्रदर्शन के चलते विधानसभा में तोड़फोड़ की थी।

1 दिसंबर, 2006 को इसी वीडियो को NDTV ने अपनी रिपोर्ट में प्रसारित किया था। जिसके स्क्रीनशॉट को आप नीचे देख सकते हैं।

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के चलते इसी वीडियो को एक गलत दावे के साथ साझा किया गया था, ताकि ममता बनर्जी की इस घटना पर गुस्से वाली छवि को दिखाया जा सके।

अंततः यह स्पष्ट है कि यह वीडियो 2006 का है जो सिंगूर आंदोलन से जुड़ा हुआ है। इस वीडियो का वन्दे मातरम् से कोई लेना-देना नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा दावा गलत है।

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