कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

फ़ेल हुई PM मोदी की नमामि गंगे योजना: ख़तरनाक स्तर पर पहुंचा गंगा नदी का प्रदूषण

गंगा नदी में कोलीफार्म बैक्टीरिया की संख्या में खतरनाक वृद्धि हुई है.

मोदी सरकार की नमामि गंगे योजना के बावजूद भी गंगा नदी में प्रदूषण का स्तर तेज़ी से बढ़ रहा है. एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गंगा नदी में कोलीफार्म बैक्टीरिया की संख्या में खतरनाक वृद्धि हुई है. जो स्वास्थ्य के हानिकारक है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार संकट मोचन फाइंडेशन (एसएमएफ) ने गंगा नदी के प्रदूषण स्तर को लेकर विश्लेषण किया था, जिसमें जांच के दौरान कोलीफार्म बैक्टीरिया और बायोकैमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) में ख़तरनाक वृद्धि दर्ज की गई.

संस्था ने गंगा के पानी का सैम्पल वाराणसी के तुलसी घाट से लिया था. जांच में पता चला कि नदी के पानी में बैक्टीरिया की संख्या तय मानक से काफी ज्यादा है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है. तय मानक के अनुसार नहाने के पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा 100 मिलीलीटर पानी में 500 एमपीएम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. वही, पीने के 100 मिलीलीटर पानी में बैक्टीरिया की मात्रा 50 एमपीएन से अधिक नहीं होनी चाहिए. साथ ही बीओडी की मात्रा 1 लीटर पानी में 3 एमजी से ज्यादा होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है.

ग़ौरतलब है कि साल 2016 में मल कोलीफार्म की संख्या धारा के अनुकूल 4.5 लाख और धारा के प्रतिकूल 5.2 करोड़ थी. जबकि साल 2019 में इस बैक्टीरिया में धारा के अनुकूल 3.8 करोड़ और धारा के प्रतिकूल 14.4 करोड़ की बढ़ोतरी हो गई.

वहीं साल 2016-19 के बीच बीडीओ के स्तर में भी तेज़ी से वृद्धि हुई है. 2016 में बीडीओ का स्तर 46.8 एमजी प्रति लीटर था जो साल 2019 में बढ़कर 66 एमजी प्रति लीटर पहुंच गया है. इसी दौरान गंगा के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा भी गिरावट दर्ज की गई है. जो 2.4 एमजी प्रति लीटर से घटकर 1.4 एमजी प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गई है. जबकि आमतौर पर गंगा के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा 6 एमजी प्रति लीटर होनी चाहिए.

एसएमएफ के अध्यक्ष और आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर वीएन मिश्र ने कहा कि गंगा के जल में कोलीफार्म बैक्टीरिया की संख्या बढ़ना मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. उन्होंने आगे कहा कि मल संबंधी कोलीफार्म गर्म खून वाले जानवरों की आंत और मल में पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ई-कोली कोलीफॉर्म बैक्टेरिया की एक प्रजाति है.

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2015 में 20,000 करोड़ रुपए का नमामि गंगे प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था. जिसके तहत 2015 के आखिर तक गंगा नदी को स्वच्छ और पुर्नजीवित करने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साल 2018 में इस योजना की डेडलाइन को मार्च 2020 तक बढ़ा दिया था.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+