कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

क्या अबू धाबी के पहले मंदिर में सुल्तान की पत्नी ने सिर पर रामायण को उठाया? सोशल मीडिया पर फैलाई गई झूठी ख़बर

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

“* सुल्तान शेख मोहम्मद ने अबू धाबी में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से अपने वादे के अनुसार पहला हिंदू मंदिर बनवाया।* सुल्तान की पत्नी बेगम सिर पर पवित्र रामायण की प्रति लेकर मंदिर की ओर जा रही हैं, और साथ में सुल्तान शेख मोहम्मद, राम कथा वाचक एच। पी। मोरारी बापू भी दिखाई दे रहे हैं। ** सच में अद्भुत दृश्य। “

उपरोक्त संदेश को एक वीडियो के साथ साझा किया जा रहा है, जिसमें राम कथा वाचक मोरारी बापू को एक कार्यक्रम में जाते हुए दिखाया गया है। संदेश में यह दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए हुए वचन के मुताबिक, सुल्तान शेख मोहम्मद ने अबू धाबी में मंदिर का निर्माण करवाया हैं। वीडियो में दिखाया गया हैं कि सुल्तान शेख मोह्ह्म्मद की पत्नी ने रामायण को अपने सिर पर रखा हुआ है, जब वह अपने पति और कथावाचक के साथ जा रही होती हैं। इस संदेश के साथ सागर वर्मानामक व्यक्ति ने यह वीडियो फेसबुक पर साझा किया हैं।

कई सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा इसी संदेश के साथ वीडियो को फेसबुक और ट्वीटर पर साझा किया गया है।

तथ्य जांच

ऑल्ट न्यूज़ ने इसी कार्यक्रम के एक अन्य वीडियो की  पड़ताल की थी, जब प्रमुख न्यूज़ चैनल टाइम्स नाउ और ज़ी न्यूज़ ने वीडियो को इस दावे के साथ चलाया था कि, अबू धाबी के युवराज शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान ने अबू धाबी में मोरारी बापू की राम कथा कार्यक्रम का उद्धघाटन किया। बाद में यह पता चला कि वह व्यक्ति सयुंक्त अरब अमीरात के समीक्षक और अरब मामलों पर टिप्पणीकार सुल्तान सूद अल क़ासमी हैं, नाकि युवराज सलमान शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान।

अब आते है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप पर, जहां पर मोरारी बापू के साथ चल रहे व्यक्ति UAE के समीक्षक सुल्तान सोउद अल कासमी हैं। आप यहां पर उनकी प्रोफाइल देख सकते हैं। इस कार्यक्रम के पूरे वीडियो को मोरारी बापू की ऑफिशल यू-ट्यूब चैनल पर देखा जा सकता हैं। उनके शुरूआती भाषण में, आप उनके मेहमानों की सूची को सुन सकते है। हालांकि, उस सूची में अरब युवराज का नाम नहीं लिया गया हैं। उस कार्यक्रम में उपस्थित मेहमानों में भी उन्हें नहीं देखा जा सकता हैं। इसे सबूत के तौर पर माना जा सकता है कि, युवराज सलमान शेख मोह्हमद बिन ज़ायद नाहयान वहां पर मौजूद नहीं थे।

इसके अतिरिक्त, एबीपी न्यूज़ चैनल ने भी पाया कि जो लड़की पवित्र किताब को लेकर चल रही थी वह आयोजक की बेटी सिया है नाकि किसी राजघराने से।

https://www.youtube.com/watch?v=aoeB-OeMJIk

और जहां तक बात है अबू धाबी में मंदिर के निर्माण की, तो अनु धाबी में पहले मंदिर निर्माण की आधारशिला अभी अप्रैल, 2019 में रखी गई है। बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के अध्यक्ष और आध्यात्मिक नेता महंत स्वामी महाराज द्वारा शिलान्यास का कार्यक्रम किया गया था। इस मंदिर को सलमान शेख मोह्हमद बिन ज़ायद नाहयान द्वारा हिन्दू समाज को उपहार में दी गई ज़मीन पर बनाया जायेगा।

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