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फ़ेक न्यूज़ः न्यूज़ीलैंड में सभी मस्जिदों को बंद करने का आदेश? सोशल मीडिया में झूठा दावा वायरल

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल

सोशल मीडिया में वायरल एक संदेश का दावा है कि न्यूज़ीलैंड सरकार ने देश के सभी मस्जिदों को बंद करने का आदेश दिया है क्योंकि वे आतंकवादियों के पलने का स्थल हैं। सोशल मीडिया यूजर्स हालिया क्राइस्टचर्च मस्जिद में हुए आतंकी हमला जिसमें एक श्वेत द्वारा कम से कम 50 मुस्लिम लोगों को गोलियों से भून डालने की पृष्ठभूमि में इस संदेश को प्रसारित कर रहे हैं।

वायरल संदेश में लिखा है, “न्यूजीलैंड सरकार ने आज देश में बनी तमाम मस्जिदों को बंद करने का दिया आदेश |कहा.. मस्जिदों में ही पलते हैं आतंकी!” नीचे इस संदेश का एक स्क्रीनशॉट दिया जा रहा है जिसे फेसबुक ग्रुप, DR. SAMBIT PATRA FANS CLUB पर शेयर किया गया है।

यह संदेश कई दूसरे दक्षिणपंथी फेसबुक ग्रुपों, जैसे- We Support Zee News ( ऐड होते ही अपने मित्रों को जोड़ें)विश्व हिन्दू एकता मंचI support modi ji, और Narendra Damodar Modi Supporter, पर भी पोस्ट किया गया है।

कई ट्विटर हैंडलों ने भी यह संदेश पोस्ट किया है।

झूठी खबर

न्यूज़ीलैंड सरकार ने देशभर के मस्जिदों को बंद करने का आदेश दिया है, झूठी और गलत सूचना है।

आतंकवादी हमले के एक हफ्ते बाद, उन दो स्थानों में से एक, जहां सामूहिक हत्या हुई थी, क्राइस्टचर्च की मस्जिद, अल नूर, में 22 मार्च को शुक्रवार की नमाज हुई। न्यूज़ीलैंड हेराल्ड की खबर के अनुसार, “डीन एवेन्यू मस्जिद के धार्मिक नेता इमाम गमाल फौदा, जो न्यूजीलैंड के सबसे बुरे आतंकी हमले में बच गए थे, ने कहा कि इस कदम से दुनिया को पता चलेगा कि मुसलमान, और सभी न्यूजीलैंडवासी, आतंक के आगे नहीं झुकेंगे … मेरे समेत, अधिकांश लोग, हमने अपनी जगह के करीब आने और प्रार्थना करने का फैसला किया। हमने उन लोगों को खुश करने के लिए इसे कभी नहीं छोड़ा, जिन्होंने वास्तव में हम पर हमला किया।” (अनुवाद)

प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने घोषणा की कि क्राइस्टचर्च की मस्जिद में शुक्रवार की नमाज का राष्ट्रव्यापी प्रसारण किया जाएगा और दो मिनट का मौन रखा जाएगा।

15 मार्च को — हमले के दिन, पूरे न्यूज़ीलैंड में मस्जिदों को बंद रखने के लिए कहा गया था। यह एहतियातन सुरक्षा के तौर पर पुलिस की सलाह थी और मस्जिदों को बंद करने का कोई सरकारी आदेश नहीं था।

क्राइस्टचर्च आतंकी हमले में मारे गए लोगों में से पहली दफन क्रिया 20 मार्च को शुरू हुई। पीएम अर्देर्न प्रभावितों से मिलीं और कैशमेर हाईस्कूल, जिसने दो छात्रों और एक पूर्व छात्र को इस आतंकी हमले में खोया, में भी लोगों को संबोधित किया।

ऑल्ट न्यूज़ ने हाल ही में, क्राइस्टचर्च से संबंधित एक और गलत सूचना को खारिज किया, जिसमें पुरानी तस्वीरों को इस दावे के साथ शेयर किया गया था कि हमले के बाद न्यूजीलैंड में 350 लोग इस्लाम में परिवर्तित हुए थे।

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