कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

स्मृति ईरानी का झूठ-अमेठी में आयुष्मान कार्ड धारक होने की वज़ह से हुई मरीज़ की मौत; डॉक्टर ने कहा- कार्ड नहीं था फिर भी इलाज हुआ

स्मृति ईरानी ने दावा किया था कि अस्पताल प्रशासन ने आयुष्मान कार्ड होने की वजह से मरीज़ को एडमिट करने से इनकार कर दिया था. जिसकी वज़ह से उसकी मौत हो गई.

भारतीय जनता पार्टी द्वारा अमेठी में मरीज की मौत पर मचाए गए हंगामे का दाव पार्टी पर ही उल्टा पड़ गया है. बीते दिन केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने एक विडियो शेयर किया था. जिसमें दावा किया था कि अमेठी में संजय गांधी अस्पताल में एक मरीज का इलाज़ महज इसलिए नहीं हुआ क्योंकि उनके पास आयुष्मान कार्ड था.

टीवी 9 भारतवर्ष  ने स्मृति ईरानी द्वारा शेयर किए गए विडियो का खुलासा किया है. टीवी 9 भारतवर्ष  की पड़ताल के अनुसार, नन्‍हें लाल मिश्रा को संजय गांधी अस्‍पताल ने बीते 25 अप्रैल को एडमिट किया था. मरीज को शराब पीने की लत थी जिसके कारण उसका लीवर फेल हो गया था. 26 अप्रैल को उसकी मौत हो गई.

टीवी9 भारतवर्ष  के पास अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीज को एडमिट करने के पुख्ता दस्तावेज और डेथ सर्टिफिकेट मौजूद हैं. जिससे साबित होता है कि संयज गांधी अस्पताल में मरीज को भर्ती किया गया था.

26 अप्रैल को मरीज के परिजन आयुष्‍मान कार्ड लेकर पहुंचे, लेकिन अस्‍पताल के पास ऐसी योजना नहीं है कि पिछली तिथि में वह मरीज को आयुष्मान कार्ड के तहत भर्ती दिखा सके.

एनडीटीवी की ख़बर के अनुसार अस्पताल के निदेशक कैप्टन सूरज महेंद्र चौधरी ने रविवार को कहा कि ये इल्‍जाम पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित है.

ग़ौरतलब है कि स्मृति ईरानी और पीएम मोदी ने दावा किया था कि अस्पताल प्रशासन ने आयुष्मान कार्ड को मोदी-योगी की योजना बताकर मरीज को एडमिट करने से इनकार कर दिया. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई.

भाजपा मंत्री ने इस विडियो को अमेठी में छठे चरण के मतदान से महज एक दिन पहले शेयर किया था. इस विडियो में मृतक के परिजन अस्पताल पर आरोप लगाया कि, मरीज नन्हे लाला मिश्रा को संजय गांधी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के चलते भर्ती नहीं किया गया.

ग़ौरतलब है कि विडियो शेयर करने के बाद स्मृति ईरानी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा,  “एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, क्योंकि उसे अस्पताल में इलाज से वंचित कर दिया गया था, जहां राहुल गांधी ट्रस्टी हैं. अमेठी में सिर्फ इसलिए कि उसके पास आयुष्मान भारत कार्ड था. ये परिवार इतना घिनौना है कि एक निर्दोष को मौत के घाट उतारने को तैयार है, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें अपनी राजनीति प्यारी है. राहुल गांधी के हाथ खून से सने हुए हैं.”

वहीं, पीएम मोदी ने स्मृति ईरानी का समर्थन करते हुए कहा, “अमेठी का वो अस्पताल का कारोबार नामदार परिवार चला था. उस अस्पताल ने मरीज को इसलिए एडमिट नहीं किया गया. क्योंकि, मरीज के पास मोदी का कार्ड था.”

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब अस्पताल प्रशासन ने मरीज को भर्ती किया था तो परिजन यह आरोप क्यों लगा रहे हैं कि अस्पताल ने मरीज को आयुष्मान कार्ड के तहत भर्ती नहीं किया.

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