कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

फ़र्ज़ी ख़बरों के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए डीईएफ ने की कार्यशाला, 600 से ज्यादा लोगों ने सीखे झूठी ख़बरों से बचने के तरीके

इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य तथ्य, राय और फ़र्ज़ी के बीच अंतर समझने में लोगों की मदद करना था।

फ़र्ज़ी खबरों के ख़िलाफ़ जागरूकता लाने के लिए इस महीने के शुरुआत में मध्यप्रदेश के बालाघाट और सिवनी ज़िलों में कार्यशालाएं आयोजित की गई। डिजिटल एम्पॉवरमेंट फाउंडेशन (डीईएफ) ने व्हाट्सैप के साथ मिलकर इसका आयोजन किया था।
इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य ‘तथ्य, राय और फ़र्ज़ी के बीच अंतर’ स्पष्ट करना था। इसके साथ ही कार्यशाला में किसी भी ख़बर के दूसरे पहलू को समझने, जानकारी को परखने के नए तकनीकों को सीखने और अवांछित संवाद को रोकने के लिए व्हाट्सएप के फीचरों का लाभ लेने के बारे में जानकारी दी गई।
बालाघाट के कार्यशाला में मध्यप्रदेश पुलिस बल के 100 से ज़्यादा सदस्यों ने भाग लिया। इसके साथ ही सरदार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दूसरे सत्र में क़रीब 500 विद्यार्थी और शिक्षक शामिल हुए।
डीईएफ ने सिवनी में स्थित राजकीय पीजी कॉलेज में कार्यशालाएं की। इनमें 40 से ज़्यादा पुलिसकर्मी और 170 से ज़्यादा विद्यार्थी शामिल हुए।
आने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र, डीईएफ देश के 10 राज्यों के 20 ज़िलों में समुदाय प्रमुखों के लिए प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करेगी। इसके लिए उन राज्यों का चयन किया गया है जहां हिंसा के चिंताजनक मामले देखे गए हैं।
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