कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

क्या आपको विनोद दुआ प्रसंग पर उछलते हुए शर्म नहीं आती है?

क्या आप अकबर पर 14 महिला पत्रकारों के आरोप को लेकर प्रधानमंत्री की तारीफ करने जा रहे हैं कि वाह मोदी जी वाह। अच्छा किया अकबर को नहीं हटाया। हमारे पास विनोद दुआ की स्टोरी आ गई है। अब हम उसी में बिजी रहेंगे।

जो सरकार और उसके समर्थक 14 महिला पत्रकारों के आरोप को पचा गए और अकबर के साथ खड़े हो गए, वो पूछ रहे हैं कि विनोद दुआ पर क्यों नहीं बोल रहे हैं। उन्हें विनोद दुआ पर पोस्ट चाहिए ताकि वे वायरल कर सकें। अकबर पर लिख देता हूं तो सांस फूल जाती है। सरकारी अकबर वाकई ‘महान’ हैं। इन सबके आरोपों को लेकर अकबर सुष्मा स्वराज के साथ बैठक भी कर रहे हैं। इन लोगों ने अकबर पर कोई पोज़िशन नहीं लिया। इनका काम है इस पर बोला, इस पर चुप रहे। जानना है तो थोड़ी मेहनत भी कीजिए। इनबाक्स में गाली देने से हम क्या समझें। क्या आप अकबर पर 14 महिला पत्रकारों के आरोप को लेकर प्रधानमंत्री की तारीफ करने जा रहे हैं कि वाह मोदी जी वाह। अच्छा किया अकबर को नहीं हटाया। हमारे पास विनोद दुआ की स्टोरी आ गई है। अब हम उसी में बिजी रहेंगे।

विनोद दुआ पर डाक्यूमेंट्री मेकर निष्ठा जैन ने आरोप लगाए हैं। अकबर के समर्थकों से एक गुज़ारिश है। वे निष्ठा जैन की बनाई डाक्यूमेंट्री को ज़रूर देखें। बेहतरीन चीज़ें सीखने को मिलेंगी। वैसे निष्ठा जैन अकबर पर आरोप लगाने वाली महिला पत्रकारों के साथ हैं। दि वायर ने अपनी तरफ से बयान जारी किया है। स्टोरी भी छापी है। लिंक दे रहा हूं। पढ़ें और सोचें कि क्या मोदी सरकार ने अकबर पर लगाए आरोपों की जांच के लिए कुछ भी किया, क्या आपको विनोद दुआ प्रसंग पर उछलते हुए शर्म नहीं आती है?

द वायर की स्टोरी यहां पढ़ सकते हैं।

( यह लेख रवीश कुमार के फ़ेसबुक पेज से हूबहू लिया गया है।)

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