कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

त्रिपुरा में गौ हत्या के आरोप में पांच लोग गिरफ़्तार, जबकि राज्य में गौ हत्या है वैध

गिरफ़्तारी की मांग कुछ स्थानीय लोगों और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं की तरफ की गई थी.

गौ हत्या भारत में अब एक बहुत बड़ा मुद्दा बना दिया गया है. हाल ही में दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम में कथित तौर पर गौ-हत्या करने के लेकर पांच लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. दरअसल, इन पांच लोगों की गिरफ़्तारी की मांग कुछ स्थानीय लोगों और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं की तरफ की गई थी. ज्ञात हो कि केरल में गो हत्या को लेकर कोई क़ानूनी प्रतिबंध नहीं है.

कथित गौ-हत्या के मामले में असम के कामपुर गाँव के मोहम्मद सुमन अली (20), मोहम्मद फर्जुल हक़ (47), मोहम्मद सैफुल इस्ला (42), अब्दुल ज़लील (45) और मोहम्मद ज़ैनुद्दीन (42) को पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किया गया और उसी दिन ज़मानत पर छोड़ दिया गया.

दक्षिण त्रिपुरा ज़िले के पुलिस अधीक्षक जय सिंह मीना ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “उन्होंने लोगों से छुपकर गाय की हत्या की है.

लेकिन किसी तरह स्थानीय लोगों को इस बारे में ख़बर मिली और लोगों की एक भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया था और उन पर हमला करने वाली थी. हमें उन्हें गिरफ्तार करके वहां से निकालना पड़ा. उन्हें एक स्थानीय अदालत में प्रस्तुत किया गया जहां न्यायाधीश ने उन्हें ज़मानत पर छोड़ दिया.”

दक्षिण त्रिपुरा ज़िले के वीएचपी के अध्यक्ष, बिप्लब सेन ने मामले गौ हत्या के मामले की पुष्टि की लेकिन लिंचिंग की घटना का खंडन नहीं किया. लेकिन उन्होंने ये आरोप ज़रूर लगा दिया कि उन 5 मज़दूरों में से 2 म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थी हैं.

पाँचों लोगों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 429 और पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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