कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

शिवराज सरकार को ओडीएफ की है जल्दी, लेकिन स्कूल की छात्राएं खुले में शौच जाने को मजबूर

स्कूल में 70 से 80 छात्राएं पढ़ती हैं लेकिन एक शौचालय की भी व्यवस्था नहीं

शिवराज सरकार में प्रशासन को कागजों में खुले में शौचमुक्त राज्य कहलाने की बहुत हड़बड़ी है लेकिन प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से आने वाली तस्वीरें स्वच्छ भारत मिशन को मुंह चिढ़ा रही हैं। कई इलाकों में शौचालय नहीं होने के कारण लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।

ताज़ा मामला छतरपुर ज़िले के बिजावर तहसील के मिदनीपुर प्राइमरी स्कूल का है। इस स्कूल में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जो शौचालय है वो बहुत ही गंदा है, उसमें दरवाजा ही नहीं है। मजबूरन स्कूल की छात्राओं को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है।

ईनाडु इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार इस स्कूल में 75 से 80 छात्राएं हैं। खुले में शौच जाना ख़तरनाक बिमारियों के लिए जितना बड़ा न्यौता है उससे ज़्यादा उनके साथ अनहोनी होने का डर बना रहता है। इस संदर्भ में ज़िला डीपीसी एचएस त्रिपाठी से सवाल किया गया तो उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए तुरंत सही करवाने की बात कही है।

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