कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

गुजरात में बिहार के प्रवासी मज़दूर पर हमला, लाठी-डंडों से पीट-पीट कर की हत्या

हिंसा के कारण अब तक गुजरात से 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मज़दूर गुजरात से पलायन कर चुके हैं।

12 अक्टूबर शुक्रवार को गुजरात के सूरत में बिहार के गया ज़िले के रहने वाले एक मज़दूर को भीड़ ने लाठी-डंडों से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। मृतक की पहचान अमरजीत सिंह के रूप में हुई है। अमरजीत शहर के पंडेश्वरा इलाके में एक मिल पर कार्य करता था। हमले वाली रात भी वह अपने काम से घर लौट रहा था। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे है।अमरजीत 17 साल पहले गुजरात काम की तलाश में आया था।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार मृतक के पिता राजदेव सिंह ने इसे एक गंभीर घटना बताते हुए मोदी सरकार और गुजरात व बिहार सरकार से मांग की है कि गुजरात में हिंदी भाषी परिवारों पर हो रहे हमले, हिंसा और नफरत को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी और परिवार को अपनी संतान न खोनी पड़े।

ग़ौरतलब है कि गुजरात में लगातार प्रवासी मज़दूरों पर हो रहे हमले बंद होने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में प्रवासी मज़दूरों पर हमले की 70 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी क्रम में सोशल मीडिया पर भी ऐसे संदेश फैलाए जा रहे हैं जिनसे नफरत बढ़ाई जा सके।

ज्ञात हो कि, गुजरात के साबरकांठा ज़िले में एक 14 महीने की बच्ची के कथित बलात्कार का आरोप बिहार के एक प्रवासी मज़दूर पर आरोप है जिसके तहत पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया था। इस घटना के बाद से गुजरात में प्रवासी मज़दूरों के लिए नफरत ने हिंसा और हमले का रूप ले लिया।

हिंसा के कारण अब तक गुजरात से 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मज़दूर गुजरात से पलायन कर चुके हैं। हालांकि अधिकारिक आंकड़ो में इनकी संख्या केवल 15 हजार तक ही सीमित है। गुजरात पुलिस ने अब हिंसा फैलाने के मामले में 600 लोगों को गिरफ़्तार किया है।

इसे भी पढ़ें- प्रवासी मज़दूरों पर हमला: गुजरात मानवाधिकार आयोग ने डीजीपी और मुख्य सचिव को नोटिस भेजा

 

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+