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कंगाली के दौर से गुजर रही है सरकारी कंपनी HAL, अधिकारी बोले- इतिहास में पहली बार पैसे की कमी से जूझ रही कंपनी

लोकसभा में रक्षामंत्री सीतारमण ने कहा था कि उनकी सरकार ने एचएएल को 1 लाख करोड़ रुपए के काम दिए हैं, जबकि अधिकारियों के मुताबिक 2018 से एक नया पैसा भी नहीं मिला है.

पब्लिक सेक्टर की कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड इन दिनों बुरे दौर से गुजर रही है. स्थिति इतनी बुरी है कि कंपनी के पास अपने कर्मचारियों के वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं हैं. यह कंपनी सुरक्षा क्षेत्र से जुड़ी है और सेना के लिए विमान बनाने का काम करती है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक लोकसभा में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी कंपनी एचएएल को 1 लाख करोड़ रुपए की लागत के विमान बनाने का आदेश दिया है. जबकि असलियत यह है कि अभी भले ही कुछ फ़ैसले में सरकार ने शुरुआती प्रक्रिया पूरी की है. लेकिन, अभी किसी भी ऑर्डर के लिए फंडिंग नहीं की गई है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार ने 2018 में विमान बनाने के लिए एक नया पैसा भी एचएएल को नहीं दिया है.

जनसत्ता के अनुसार एचएएल के पास अपने अपने कर्मचारियों को अक्टूबर से दिसंबर तक तीन माह का वेतन देने के लिए मात्र 1000 करोड़ पैसे बचे थे. अब ये पैसे भी ख़त्म हो गए हैं.

हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के सीएमडी आर.माधवन का कहना है कि मार्च 2019 तक कंपनी के पास 6000 करोड़ रुपए की कमी हो जाएगी. जनसत्ता के मुताबिक एचएएल के 14,500 करोड़ रुपए वायु सेना के पास बकाया हैं, जिसे सितंबर 2017 से सरकार ने भुगतान नहीं किया है.

एचएएल के सीएमडी ने कहा है कि यह सरकारी कंपनी पैसे के मामले में हमेशा से धनी रही है. लेकिन, यह पहली बार जब इस कंपनी को कर्ज़ लेने की नौबत आई है.

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