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हत्या के मामलों में स्वयंभू बाबा रामपाल दोषी करार, 16-17 अक्टूबर को सुनाई जाएगी सज़ा

रामपाल के आश्रम पर चार महिलाओं और एक बच्चे का शव मिला था।

गुरुवार को हरियाणा के हिसार ज़िला अदालत में  स्वयंभू बाबा रामपाल और उसके कुछ अनुयायियों को हत्या के दो मामलों में दोषी ठहराया है। न्यायालय इस मामले में 16 और 17  अक्टूबर को सजा सुनाएगी।

द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक 19 नवंबर 2014 को हिसार के बरवाला कस्बे में रामपाल के सतलोक आश्रम पर चार महिलाओं और एक बच्चे का शव मिला था, जिसके बाद स्वयंभू बाबा और उसके 27 अनुयायियों पर हत्या और लोगों को बंधक बनाने का आरोप लगा था।

ग़ौरतलब है कि 2014 में रामपाल के 15,000 से अधिक अनुयायियों को आश्रम से बाहर करने को लेकर पुलिस और उसके समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने रामपाल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। लेकिन, वह हिसार में अपने आश्रम के अंदर छिपा रहा। अदालत की अवमानना करने पर उच्च न्यायालय ने उसे पेश होने का आदेश दिया था, जिससे रामपाल ने इनकार कर दिया था। इसके बाद हिसार के सतलोक आश्रम से उसकी गिरफ़्तारी हुई।

रामपाल और उसके अनुयायियों के ख़िलाफ़ 17  नवंबर 2014 को भारतीय दंड संहिता की धारा 186 (सरकारी कामकाज के निर्वहन में बाधा डालना), धारा 332 (जान-बूझकर लोकसेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन में चोट पहुंचाना) और धारा 353 (लोक सेवक को उसका कर्तव्य पूरा करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने) के तहत मामले दर्ज़ किए गए थे।

ज्ञात हो कि रामपाल हरियाणा के सोनीपत से है और वह राज्य सरकार के सिंचाई विभाग में बतौर जूनियर इंजीनियर काम करता था। स्वामी रामदेवानंद महाराज का शिष्य बनने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उसने प्रवचन देना शुरू किया। 2006 में रामपाल ने आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद की किताब पर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद आर्य समाज और रामपाल समर्थकों में हिंसक झड़प हुई जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी।

तब रामपाल को हत्या के मामले में गिरफ़्तार किया गया उस समय वह करीब 22 महीने जेल में रहा था।

लेकिन, 30 अप्रैल 2008 को वह ज़मानत पर बाहर आ गया। बाद में साल 2014 में कोर्ट में उसे पेशी के लिए बुलाया गया। लेकिन, वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने उसे गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे। हालांकि उसके बाद रामपाल के समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प में 120 लोग घायल हुए थे।

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