कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

हरियाणा के मेडिकल कॉलेज में जातिगत भेदभाव, एक समुदाय की 11 छात्राओं को किया फेल

नाराज़ परिजनों का कहना है कि एक तरफ  सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा दे रही है, वहीं  दूसरी तरफ बेटियों का भविष्य बर्बाद  कर रही है.

भारतीय जनता पार्टी शसित प्रदेशों में जाति और धर्म के नाम पर भेदभाव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है. हरियाणा सोनीपत के भगत फूलपुर गवर्मेन्ट मेडिकल कॉलेज में छात्राओं के साथ उत्पीड़न का ताज़ा मामला से सामने आया है.

इस कॉलेज में फाइनल साल में पढ़ रहीं 31  छात्राओं को फेल कर दिया गया है, 15 जाट समुदाय की छात्राओं में से 11 छात्राओं  को फेल कर दिया गया है. ग़ौरतलब है कि प्रैक्टिकल में फेल की गयीं कुछ लड़कियां पिछले सालों की टॉपर रह चुकी हैं. लिहाजा कॉलेज मैनेजमेंट पर शक गहरा रहा है.

जनचौक की ख़बर के अनुसार छात्राओं को फेल करने के फ़ैसले से उनके परिजनों में काफ़ी गुस्सा हैं. परिजनों का कहना है कि एक तरफ  सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दे रही है, वहीं  दूसरी तरफ बेटियों का भविष्य बर्बाद  कर रही है.

एक छात्रा  के पिता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि कॉलेज में जाति के आधार पर छात्राओं के साथ भेदभाव किया गया है. फाइनल साल में पढ़ रहीं जाट समाज की 15  में से 11 लड़कियों को प्रैक्टिकल में फेल कर दिया गया है.  उन्होंन आगे कहा कि अगर समय रहते इसमें सुधार नहीं किया गया तो वह हाईकोर्ट जाएंगे और इंसाफ की गुहार लगाएंगे. वहीं कॉलेज के इस तरह के रवैये से जाट समाज में बेहद नाराजगी है.

आपको बता दें कि यह कॉलेज को हरियाणा का एकमात्र गर्ल्स मेडिकल कॉलेज है. जहां सभी लड़कियों का दाखिला नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है.  वहीं कॉलेज में 855  सीट हरियाणा डोमेसाइल छात्रों के लिए आरक्षित है.

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