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हरियाणा रोडवेज में करोड़ों का घोटाला! कर्मचारियों ने की हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की मांग

रोडवेज कर्मचारियों ने बीते 18 दिनों तक चली हड़ताल के समय यात्रियों को हुई परेशानी के लिए सरकार द्वारा माफ़ी मांगने की मांग की गई है. 

हरियाणा सरकार द्वारा किलोमीटर स्कीम के तहत 510 प्राइवेट बसों को किराए पर लेने के मामले में करोड़ों रुपए के घोटाले का आरोप लगा है. हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन ने उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से इसकी जांच कराने की मांग की है.

दैनिक सवेरा  की ख़बर के मुताबिक शनिवार (27 अप्रैल) को रोहतक के कर्मचारी भवन में कर्मचारियों ने एक प्रस्ताव पास किया. इसमें बीते 18 दिनों तक चली रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समय यात्रियों को हुई परेशानी के लिए सरकार द्वारा माफ़ी मांगने की मांग की गई है.  इसके साथ ही रोडवेज कर्मियों पर हुए मुक़दमे को वापस लेने की मांग भी की गई है.

हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष इन्द्र सिंह बधाना ने इस मामले की जांच स्टेट विजिलेंस के द्वारा कराने पर भी निंदा की है. दैनिक सवेरा  के मुताबिक उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, परिवहन मंत्री और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की सघन जांच कराने का आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन अब स्टेट विजिलेंस से इसकी जांच कराना महज रस्म-अदाएगी है.

दैनिक सवेरा  के मुताबिक 18 दिनों के हड़ताल के दौरान 1974 कर्मचारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज किए. 318 कर्मचारियों पर एस्मा के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया. 567 कर्मचारियों को इस हड़ताल के दौरान गिरफ़्तार किया गया. प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 73 और कॉन्ट्रैक्ट बहाली वाले 194 रोडवेज कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया था.

बीते साल अक्टूबर-नवंबर महीने में हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने 18 दिनों का हड़ताल किया था. उन्होंने हरियाणा सरकार के किलोमीटर स्कीम का विरोध किया था.

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