कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

शर्मनाकः कुल्लू में दलित महिला के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान में नहीं दी गई जगह, जंगल में जलाया गया शव

राम ने बताया, “अगड़ी जाति के लोगों ने कहा कि अगर देवता गुस्सा हो गए और कुछ बुरा हुआ तो  उसके लिए हम लोग जिम्मेदार होंगे. इसलिए हमने एक नाले के किनारे ले जाकर अंतिम संस्कार किया.”

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में जातीय भेदभाव का ताज़ा मामला सामने आया है. यहां एक दलित महिला के शव को श्मशान गृह में जलाने की अनुमति नहीं दी गई. जिसके बाद परिवार ने महिला का अंतिम संस्कार जंगल में किया.

दरअसल एक बुजुर्ग महिला का लंबी बिमारी के बाद बीते गुरुवार को मौत हो गई थी. लेकिन महिला के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान गृह में इजाजत नहीं दी गई.

मृतक महिला के पोते राम का एक टेप वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने कहा, “जब अंतिम संस्कार के लिए जुलूस सार्वजनिक श्मशान में पहुंचा तो अगड़ी जाति  के पुरुषों ने दादी का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया.”

राम ने बताया, “अगड़ी जाति के लोगों ने कहा कि अगर देवता गुस्सा हो गए और कुछ बुरा हुआ तो  उसके लिए हम लोग जिम्मेदार होंगे. इसलिए हमने एक नाले के किनारे ले जाकर अंतिम संस्कार किया.”

कुल्लू के डिप्टी कमिश्मर यूनुस ने कहा, “सब डिविजनल मजिस्ट्रेट और डीएसपी को मामले का पता लगाने को कहा गया है. हम विडियो में शख्स की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं और तथ्यों की पुष्टि के लिए गांववालों से बात कर रहे हैं.” डिप्टी कमिश्नर के अनुसार इस मामले में अभी तक कोई शिकायत दर्ज कराने के लिए नहीं आया है.

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

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