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हावड़ा: पूर्व टीएमसी पार्षद ने सफ़ाई कर्मचारी की लात-घूंसो से की पिटाई, मामला दर्ज

पीड़ित राजकुमार ने बताया, “पूर्व पार्षद ने मेरे कुछ बोलने से पहले ही मेरी पिटाई शुरू कर दी. उसने सौ लोगों के सामने मुझे सड़क पर लात मारी.”

हावड़ा के लिलुआ में बीते मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व पार्षद ने कथित तौर पर नगर निगम के एक सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट को अंजाम दिया है. पीड़ित सफ़ाईकर्मी राजकुमार डोम (55 वर्षीय) 2 दिन अस्पताल में भर्ती रहे. जिसके बाद उन्होंने टीएमसी नेता नारायण मजूमदार के ख़िलाफ़ लिखित में शिकायत दर्ज कराई है.

आनंदबाजार पत्रिका  की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना नगर निगम के वार्ड नंबर 66, पंचनटला क्षेत्र की है. यहां के एक निवासी ने जानवर के सड़े हुए शव को निकालने के वार्ड कार्यालय में सूचित किया था.

बीते मंगलवार दोपहर करीब 12.30 बजे राजकुमार ने इलाके में जाकर सड़े शव की गंध को दूर करने के लिए स्थानीय निवासियों से मिट्टी का तेल मांगा था. राजकुमार ने दावा किया कि इसके बाद, उन्हें स्थानीय पार्टी कार्यालय में बुलाया गया और पूर्व पार्षद ने उनके साथ मारपीट की.

राजकुमार ने कथित तौर पर कहा कि उनके सिर, छाती और पेट पर चोटें आईं हैं. राजकुमार ने बताया, “पूर्व पार्षद ने मेरे कुछ बोलने से पहले ही मेरी पिटाई शुरू कर दी. उसने सौ लोगों के सामने मुझे सड़क पर लात मारी.”

हालांकि इस मामले में नारायण मजूमदार का कहना है कि, “राजकुमार झूठ बोल रहा है. चार दिनों तक बार-बार शिकायत करने के बाद  जब वह शव को निकालने आए तो नशे में था. उसने 3,000 रुपए की रिश्वत की मांग की.”

उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैंने उसे पार्टी कार्यालय आने के लिए कहा क्योंकि मैं रिश्वत मांगने पर नाराज था, लेकिन मैंने उसके साथ मारपीट नहीं की. मैंने उसे कार्यालय से बाहर निकाल दिया था.”

हालांकि, राजकुमार अपने ख़िलाफ़ लगाए गए रिश्वत के आरोपों को गलत करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि मैंने गंध से छुटकारा पाने के लिए मिट्टी का तेल मांगा था.

ग़ौरतलब है कि राजकुमार को आगामी चुनावों के दौरान एक पोल कार्यकर्ता के रूप में भी नियुक्त किया जाएगा. इसलिए, उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से भी इस घटना को लेकर शिकायत की है.

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