कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

दुःखदः जयंती के एक दिन पहले हैदराबाद में कचरे में मिली बाबा साहेब की प्रतिमा, GMCH के अधिकारियों पर लगा मूर्ति तोड़ने का आरोप

इस मामले में आईपीसी की धारा 427 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि से एक दिन पहले उनकी प्रतिमा हैदराबाद सेंट्रल मॉल के पास कचरे से प्राप्त किया गया. इस प्रतिमा को अनावरण के लिए रखा गया था.

द न्यूज़ मिनट के अनुसार जय भीम सोसाइटी के सदस्य शनिवार रात करीब 2 बजे डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित करने के लिए हैदराबाद सेंट्रल मॉल के सामने इकठ्ठा हुए थे. लेकिन, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के अधिकारियों ने प्रतिमा स्थापित करने से उन्हें रोक दिया.

जय भीम के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने इसके लिए प्रशासन से अनुमति ली है. लेकिन जीएचएमसी के अधिकारियों ने सुबह करीब 4 बजे यह कहते हुए प्रतिमा को जब्त कर लिया कि अनावरण करने की अनुमति नहीं ली गई थी. इसके बाद अगले दिन यह प्रतिमा कचरे में टूटी हुई मिली.

यह पूरा मामला अंबेडकर जयंती से एक दिन पहले की है.

द न्यूज़ मिनट  के अनुसार शनिवार की सुबह जीएमसीएच के कर्मचारियों ने टूटी हुई प्रतिमा को एक ट्रक में लादकर यूसुफगुड़ा के कोटला में स्थित विजय भास्कर स्टेडियम के गोदाम में ले गए.

इसके बाद यूसुफगुड़ा से प्रतिमा को कथित तौर पर कचरा ले जाने वाले ट्रक में रखा गया और इसे जवाहरनगर में स्थित शहर के मुख्य डंपयार्ड में फेंकने की कोशिश की गयी. हालांकि, इस बात की भनक जय भीम के कार्यकर्ता और अन्य लोगों को लग गयी और लोगों की भीड़ ने प्रतिमा को डंपयार्ड लेकर जा रही ट्रक को बीच में ही रोक दिया.

वहीं, जीएचएमसी के अधिकारियों ने कहा कि यहां हाथापाई के दौरान प्रतिमा खंडित हो गयी. जबकि दलित कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रतिमा ट्रक में डालने से पहले ही टूटी हुई थी. मामले को बिगड़ते देखकर जवाहरनगर पुलिस को सूचना दी गयी. मौके से प्राप्त तस्वीरों में कचरे के बीच में डॉ अंबेडकर की खंडित प्रतिमा देखी गयी.

द न्यूज़ मिनट  के अनुसार जीएमसीएच के आयुक्त एम दाना किशोर ने इस घटना को दूर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा, “एक आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में मामले की आंतरिक जांच की जा रही है. दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.”

इस मामले में आईपीसी की धारा 427 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इसी बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता श्रवण दासोजु ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, “जय भीम के सदस्य डॉ अंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित करना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने अनुमति भी ली थी. वे लोग 14 अप्रैल यानी उनकी जयंती के दिन प्रतिमा का अनावरण करना चाहते थे. हालांकि, जीएमसीएच के अधिकारियों ने प्रतिमा को ध्वस्त कर दिया और इसका मलबा जवाहरनगर डंपिग यार्ड में फेंक रहे थे. जब लोगों ने इसका विरोध किया तो स्थानीय पुलिस द्वारा उनपर लाठीचार्ज किया गया.”

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए और सरकारी लागत से डॉ अंबेडकर की प्रतिमा को उसी स्थान पर स्थापित करना चाहिए.”

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