कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

रोते हुए बोले फारूक अब्दुल्ला- मुझे मेरे घर में ही हिरासत में रखा गया था, अमित शाह झूठ बोल रहे हैं

"हमने आजतक ऐसा हिंदुस्तान नहीं देखा. मुझे चिंता है कि आम आदमी क्या सोच रहा होगा. ताले में बंद दवाई तक नहीं मिल रही है. खाने को खाना तक नहीं मिल रहा है."

जम्मू-कश्मीर में जारी नेताओं की गिरफ़्तारी को लेकर एक बड़ी बात सामने आई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बताया कि उन्हें घर में ही हिरासत में रखा गया था. मेरे बारे में गृहमंत्री अमित शाह झूठ बोल रहे हैं.

दरअसल, मंगलवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि फारूक अब्दुल्ला को न तो हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ़्तार किया गया है. वो अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं.

एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में अब्दुल्ला ने कहा कि गृहमंत्री अमित शा झूठ बोल रहे हैं. मुझे अपने घर में ही हिरासत में रखा गया. सरकार के फैसले पर उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा, “मुझे कैसा लगेगा जब आपके शरीर के टुकड़े कर दिए जाएं. वो शरीर जो सब मुसीबतों में आपके साथ था. हर लड़ाई उसने एक होकर लड़ी. वो लोग जो देश के साथ खड़े रहे उन्हें आज कैसा लग रहा होगा. उनके साथ धोखा हुआ है.”

साक्षात्कार के बीच में पूर्व मुख्यमंत्री रोने लगे. उन्होंने आगे कहा कि, “हमने आजतक ऐसा हिंदुस्तान नहीं देखा. मुझे चिंता है कि आम आदमी क्या सोच रहा होगा. ताले में बंद दवाई तक नहीं मिल रही है. खाने को खाना तक नहीं मिल रहा है.”

अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि हम फिर एक साथ बैठेंगे और इस मुद्दे को एक लॉजिकल एंड तक ले जाएंगे. हम लोकतंत्र के लिए लड़ेंगे. हम एकता के लिए लड़ेंगे.

बता दें कि 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर से कई राजनीतिक गिरफ्तारियों की ख़बर आई है. राज्य में इंटरनेट से लेकर टीवी केवल सेवा सब बंद कर दिया गया है. इससे पहले जम्मू कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती सईद को गिरफ़्तार किया गया था.

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