कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

जम्मू में ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ का सच- कंक्रीट की जगह पत्थरों का इस्तेमाल

एंटी करप्शन ब्यूरो के मुताबिक अधिकारियों ने निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं को जानते हुए भी ठेकेदार को 29,67,531 रुपये का भुगतान किया.

जम्मू कश्मीर के डोडा ज़िले में, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बेरी से गंदोह तक साढ़े चार किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं. निर्माण के दौरान नियमों को पूरी तरह से ताक पर रखते हुए कंक्रीट की जगह नब्बे फीसदी पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है.

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), डोडा की टीम ने जब निर्माण सामग्री के सैंपल की जांच की तब इस बात का खुलासा हुआ. एसीबी ने पीएमजीएसवाई डिवीजन, ठाठरी के अधिकारियों सहित निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज कर लिया है.

जागरण की खबर के मुताबिक एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से दर्ज मामले के अनुसार साढ़े चार किलोमीटर सड़क बनाने का 242.42 लाख रुपये का ठेका, जम्मू के गांधी नगर की “मैसर्स क्यूब कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग लिमिटेड” को दिया गया था.

एबीसी के अनुसार अधिकारियों ने निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं को जानते हुए भी ठेकेदार को 29,67,531 रुपये का भुगतान कर दिया. अधिकारियों ने सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने दिया और ठेकेदार को पैसा जारी करके सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया, जो ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत को दिखाता है.

अब एबीसी ने तत्कालीन एईई अख्तर हुसैन शाह, जेई इरशाद अहमद व सोनू शर्मा तथा मैसर्स क्यूब कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग लिमिटेड के डायरेक्टर संजय सी शाह के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

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