कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने और मायावती को वोट देने की अपील करेगा जाट समाज, आरक्षण नहीं मिलने से है नाराज़गी

जाट नेता धर्मवीर चौधरी ने कहा कि यूपीए के कार्यकाल में मिले आरक्षण के खिलाफ़ जब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई तो भाजपा सरकार ने जानबूझकर मामले पर अच्छी तरह से बहस नहीं होने दी.

लोकसभा चुनाव में जाट समुदाय भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है. 20 जनवरी को जाट नेताओं ने बैठक कर फ़ैसला किया है कि अगर मोदी सरकार उन्हें आरक्षण देने की मांग नहीं मानती है, तो वे बसपा प्रमुख मायावती को चुनाव में मदद करेंगे.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अखिल भारतीय जाट आरक्षण बचाओ महा आंदोलन (AIJABMA) के बैनर तले एकत्र हुए उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश से आए नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने उनकी आरक्षण की मांग न मानकर उनके समुदाय के साथ धोखा किया है.

यूपी से आए जाट नेताओं ने दावा किया कि वे अपने समुदाय से मायावती के लिए वोट करने के लिए कहेंगे. उन्होंने कहा, “बसपा प्रमुख ही एक ऐसी नेता हैं, जिन्होंने जाट समुदाय को आरक्षण दिए जाने का समर्थन किया था और हरियाणा में 2016 के आंदोलन में जाटों के ख़िलाफ़ सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की आलोचना की थी.”

AIJABM के नेता धर्मवीर चौधरी ने दिल्ली में एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “यूपीए सरकार ने हमें केंद्र की नौकरियों में आरक्षण दिया था, लेकिन जब इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई तो वर्तमान एनडीए सरकार ने जानबूझकर हमारे मामले पर अच्छी तरह से बहस नहीं होने दी. तब से लेकर अब तक नरेंद्र मोदी सरकार सिर्फ हमें आश्वासन ही दे रही है. मैं सरकार को चेतावनी देता हूं कि जाटों को अब और गुमराह नहीं किया जा सकेगा. हम उन 131 निर्वाचन क्षेत्रों में अभियान करेंगे, जहां जाटों के पास बीजेपी को हराने के लिए एक बड़ी आबादी है.”

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