कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

कठुआ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले की अभियोजक दीपिका सिंह राजावत को मिल रही है जान से मारने की धमकियां

“मुझे डर रहता है कि मुझे या मेरे परिवार को शारीरिक तौर पर हानि पहुंचाई जा सकती है.”

कठुआ में हुए 8 साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले में अभियोजक दीपिका सिंह राजावत को लगातार बलात्कार और हत्या की धमकियां मिल रही हैं.

न्यूज़18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ राजावत को पुलिस सुरक्षा मिलने के बावजूद वे हमेशा एक डर के माहौल में जी रही हैं. सोशल मीडिया में ट्रोल होने के अलावा उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.

राजावत ने कहा, “मुझे डर रहता है कि मुझे या मेरे परिवार को शारीरिक तौर पर हानि पहुंचाई जा सकती है. मुझे महसूस होता है कि मेरी गरिमा को नुक्सान पहुंचाने की कोशिश की जाएगी. मुझे मालूम है कि वो मुझे जल्द ही जान से मार देंगे.” उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि किसी दिन उनके घर में कोई नशीला पदार्थ रखकर उनके छवि को ख़राब करने की कोशिश की जा सकती है.

न्यायालय के परिसर में भी राजावत को लोगों की तीखी नज़रों और फुसफुसाहट के बीच अपने दिन निकालने पड़ते हैं और ऐसा तब से हो रहा है जब से उन्होंने कठुआ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के मामले को अपने हाथों में लिया है.

राजावत एक 6 साल की बेटी की माँ हैं और उन्हें मिल रही धमकियों की वजह से वे अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं. ज्ञात हो कि उन्हें इस मामले को उठाने के लिए वोग वुमन ऑफ़ द इयर 2018 का पुरस्कार भी मिला है.

गौरतलब है कि इसी वर्ष जनवरी में एक 8 वर्षीय लड़की के सामूहिक बलात्कार एवं हत्या का मामला सामने आया था. इस अपराध के पीछे जम्मू में रह रहे बकरवाल समुदाय के प्रति घृणा बताया जा रहा है. इस अपराध में 8 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है जिनमें से 4 पुलिसकर्मी हैं.

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