कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

विकास का मॉडल: गुजरात में ग़रीबों की जमीन छीनकर बनाई गई मूर्ति, तो केरल में ग़रीबों को मिला 20 करोड़ का घर

आज गुजरात में एक भव्य कार्यक्रम के बीच स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण किया जा रहा है, दूसरी तरफ़ केरल सरकार ग़रीबों के बीच 20 करोड़ की लागत से बनी हाउसिंग क्लब भेंट कर रही है.

आज प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक बड़ा दिन साबित होने वाला है, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान जिन बिन्दुओं पर वे वोट मांगने जायेंगे, उन निराधार उपलब्धियों में एक और उपलब्धि आज जुड़ेगी. आज गुजरात में स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी का अनावरण किया जाएगा.

ज्ञात हो कि यह भीमकाय ‘स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी’ 3000 करोड़ रुपयों की लागत से बनकर तैयार हुई है. सैंकड़ों किसानों की ज़मीन जबरन हड़पकर, खेती के लिए इस्तेमाल हो रहे पानी के स्रोतों को क्षति पहुंचाकर इस ऊंची प्रतिमा को खड़ा किया गया है.

वहीं, दूसरी तरफ़ आज केरल में ओखी चक्रवात में अपना घर खो चुके मछुआरों को केरल सरकार 20 करोड़ रुपए की लागत से हाउसिंग काम्प्लेक्स बनाकर उन्हें भेंट कर रही है.

अब इन दोनों ही मामलों में पैसे भी लगे हैं और निर्माण भी हुआ है, लेकिन दोनों में से जन कल्याणकारी निर्माण कौन सा है यह बहुत ही आसानी से समझा जा सकता है.

गौरतलब है कि स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के ख़िलाफ़ स्थानीय आदिवासी एवं किसान समाज लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है. हाल ही में प्रतिमा के आस पास के सभी गांवों के सरपंचों ने मिलकर प्रधानमंत्री मोदी को एक खुला पत्र भी लिखा था जिसमें उन्होंने साफ़ शब्दों में मोदी को अनावरण समारोह में शामिल न होने को कहा, क्योंकि वे उनका स्वागत नहीं करेंगे.

न्यूज़सेंट्रल24x7 को योगदान दें और सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह बनाने में हमारी मदद करें
You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+