कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

पदयात्रा कर रहे किसानों पर पुलिस ने किया आंसू गैस और पानी के तोपों से हमला

पुलिस के इस हमले में अब तक दो किसानों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।

हरिद्वार से दिल्ली की ओर अपनी मांगों को लेकर पदयात्रा करने वाले किसानों में से दो लोग घायल हो गए हैं। दो किसानों में से एक सत्तर-वर्षीय किसान राधे सिंह घायल हो गए हैं।

उनके अलावा पुलिस द्वारा छोड़े गए आंसू गैस का गोला मुंह के पास फटने से एक और किसान‌ घायल हो गए हैं। जिन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया है।

ज्ञात हो कि आज मंगलवार 2 अक्टूबर को हरिद्वार से पदयात्रा करते हुए आए हज़ारों किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा शहर के पूर्व और पूर्वोत्तर हिस्से में धारा 144 लागू कर दिया गया है।

भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने एएनआई से कहा, “हमें यहाँ (यूपी-दिल्ली सीमा पर) क्यों रोक दिया गया है? हम अनुशासित ढंग से रैली कर रहे थे यदि हम अपनी समस्याओं के बारे में सरकार को नहीं बताएंगे, तो किसे बताएंगे? क्या हमें पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाना चाहिए?

गौरतलब है कि भारतीय किसान संघ के बैनर तले 25 हज़ार किसान “किसान क्रांति पदयात्रा” में शामिल हैं।  रिपोर्ट के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस पानी के तोपों और आंसू का गैस के गोलों का उपयोग कर रही है।

पत्रकार नीलंजन मुखोपाध्याय ने अपने एक ट्वीट में कहा कि मीडिया विरोध प्रदर्शन को रिपोर्ट नहीं कर रहा है। उन्होंने लिखा, “इतने कम मीडिया कवरेज से आश्चर्यचकित हूँ| उनके दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश में बिताए 45 मिनट व्यर्थ हो गए। अंतहीन लाइनों में हरे रंग की टोपी पहने किसान बिलकुल शांतिपूर्वक चल रहे थे। देश की राजधानी की ओर जाने वाली सभी सड़क सैकड़ों ट्रैक्टर,बसें और छोटे ट्रक से भरी पड़ीं हैं। किसानों में सरकार के प्रति ग़ुस्सा हैं।”

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