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एम नागेश्वर राव ने आते ही पलटा आलोक वर्मा का फैसला, एक IAS अधिकारी के ख़िलाफ़ कोयला घोटाले का मामला किया रद्द

2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी कोयला घोटाला मामलों से विशेष रूप से निपटने के लिए एक विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति को मंज़ूरी दी थी.

सीबीआई निदेशक एम नागेश्वर राव ने पूर्व में आलोक वर्मा द्वारा किए गए सभी फैसलों को रद्द कर दिया है. उन्होंने शुक्रवार को जारी आदेश में कोयला घोटाला मामले में कथित तौर पर एक वरिष्ठ IAS अधिकारी को शामिल होने की हस्ताक्षरित फाइल को रद्द कर दिया है.

सीबीआई ने  बुधवार को वर्मा द्वारा हस्ताक्षरित एक फाइल को रद्द कर दिया, जिसके कारण कोयला घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी भास्कर खुल्बे को आरोप पत्र सौंपा जा सकता था.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी के सचिव, भास्कर खुल्बे पर आरोप है कि वे पश्चिम बंगाल के मोइरा-मधुजोर ब्लॉक में रामसरुप लोह उद्योग लिमिटेड के कोयला ब्लॉक आवंटन में शामिल थे. कोयला घोटाले में सीबीआई जांच में खुल्बे का नाम सामने आया था.

वहीं एच सी गुप्ता को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध के लिए सीबीआई द्वारा एक अभियुक्त बनाया गया था, जिसमें कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आपराधिक कदाचार शामिल है.

सीबीआई ने कोयला ब्लॉक आवंटन के 40 मामलों में कथित अनियमितताओं के संबंध में आरोपपत्र दायर किए. 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी कोयला घोटाला मामलों से विशेष रूप से निपटने के लिए एक विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति को मंज़ूरी दी थी.

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