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मध्यप्रदेश में सामने आया “मामा” राज का 30,00,00,00,000 रुपए का ई-टेंडर घोटाला, FIR दर्ज

ई-टेंडर घोटाले में जल निगम के 3 हजार करोड़ के तीन टेंडरों को पसंदीदा कंपनी को देने के लिए हेराफेरी की गई थी.

मध्यप्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बीते बुधवार को 3,000 करोड़ रुपए के ई-टेंडर घोटाले में “राजनेताओं” सहित 7 कंपनियों, सरकारी विभागों और अन्य के अधिकारियों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए हैं.

अमर उजाला के मुताबिक इस ई-टेंडर घोटाले को तत्कालीन प्रमुख सचिव मैप-आईटी मनीष रस्तोगी ने पकड़ा था. जिसमें जल निगम के 3 हजार करोड़ के तीन टेंडरों को पसंदीदा कंपनी को देने के लिए हेराफेरी की गई थी.

इस घोटाले में तत्कालिन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी लोग शामिल हैं. मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान हुए इस डिजिटल घोटले की जांच में भारतीय कंम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) ने सकारात्मक रिपोर्ट भेजी थी. जिसके बाद ईडबल्यू इस ई-टेंडरिंग घोटाले में एफआईआर दर्ज करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंजूरी का इंतजार कर रही थी.

इसके बाद जांच के लिए ईओडब्ल्यू ने कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टींम (सीईआरटी) के पास एनालिसिस रिपोर्ट के लिए 13 हार्ड डिस्क भेजी थी. जिसमें से तीन में टेंपरिंग की पुष्टि हो चुकी है.

इस मामले को लेकर बीते साल जून में ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी दर्ज की थी. इस मामले में आईएएस राधेश्याम जुलानिया और हरिरंजन राव पर सवाल उठ चुके हैं. अब एक फिर से यह मामला सामने आया है जिसमें तत्कालिन भाजपा सरकार के करीबी निशाने पर हैं.

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