कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

स्वर्णिम मध्यप्रदेश: स्कूल में कई वर्षों से शौचालय नहीं, छत से टपकता है पानी, बच्चों ने सौंपा ज्ञापन राष्ट्रपति को

बारिश के दिनों में क्लासरूम में बच्चे छाता लगाने को हैं मजबूर और स्कूल में शौचालय की सुविधा भी नहीं

शिव ‘राज’ में योजनाओं का सच टपक रहा है। कभी अस्पताल की छत से पानी टपकने वाली तस्वीरें सामने आती है तो कभी स्कूल में टपकती छत के नीचे छाता लिए बच्चों की। सूबे की पूरी जनता छाते में दिख रही है मानों पिछले 15 सालों में भाजपा की सरकार ने छत और छतरी का अच्छा संबंध जोड़ लिया हो।

स्वर्णिम मध्यप्रदेश की वायरल तस्वीरों में एक नई तस्वीर सूबे के डिंडौरी ज़िले से आ रही है जहां स्कूल के क्लासरूम में बच्चे बारिश से बचने के लिए छाता लिए बैठने को मजबूर है।

एएनआइ की एक ट्वीट से यह मामला सामने आया है जिसमें सरकारी स्कूल के बच्चे स्कूल की टपकती छत और शौचालय की सुविधा नहीं होने पर ज़िला कार्यालय को राष्ट्रपति के नाम अपना ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे।

इन बच्चों ने राष्ट्रपति के नाम अपने ज्ञापन में लिखा है कि बारिश के दिनों में स्कूल की छत से पानी टपकता है और इस हालात में भी उन्हें पढ़ाई करनी होती है। इसके अलावा यहां कई वर्षों से शौचालय ही नहीं है जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रदेश भर से आ रहीं इस प्रकार की तस्वीरें शिवराज सरकार के विकास का आईना दिखा रही है जहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी मयस्सर नहीं हैं।

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