कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

महाराष्ट्र: पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठी लड़कियों से ज़बरन तुड़वाया अनशन, बैनर-पोस्टर भी उखाड़ फेंके

अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने महाराष्ट्र की भाजपा सरकार की निंदा की है.

महाराष्ट्र के अहमदनगर में पुलिस और प्रशासन का शर्मनाक चेहरा सामने आया है. अहमदनगर ज़िले के पुंताम्बा गांव में निकिता, शुभांगी और पूनम नामक किसानों की तीन बेटियां पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी थी लेकिन महाराष्ट्र पुलिस ने जबरन उनकी हड़ताल तुड़वा कर उन्हें अहमदनगर सिविल अस्पताल में भर्ती करवा दिया.

न्यूज़ स्टेट की ख़बर के अनुसार पुलिस ने आंदोलन के लिए लगाए गए शामियान, बैनर और पोस्टरों को अवैध बताकर उखाड़कर फेंक दिया. लड़कियों के साथ प्रदर्शन कर रहे रिश्तेदारों और समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

ग़ौरतलब है कि भूख हड़ताल पर बैठी लड़कियों को कई किसान समूहों, सत्तारूढ़ सहयोगी शिवसेना और कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था. निकिता, शुभांगी और पूनम किसानों की ऋण माफ़ी, उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसानों की पेंशन और कृषि के लिए मुफ्त बिजली सहित विभिन्न मांगों को लेकर बीते 4 फरवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी थी.

वहीं अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने  महाराष्ट्र की भाजपा सरकार की निंदा की और कहा कि अहमदनगर के पुंताम्बा में तीन युवा लड़कियों के संघर्ष को कुचलने के लिए 200 पुरुष पुलिस, 100 महिला पुलिस और 7 पुलिस वैन का इस्तेमाल किया! एआईकेएस भाजपा सरकार की निंदा करती है.

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