कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

शर्मनाक: चुनाव आयोग के मना करने के बावजूद मोदी ने मांगे बालकोट और सेना के नाम पर वोट

चुनाव आयोग ने सभी दलों को निर्देश दिया है कि चुनावी सभा में वोट लेने के लिए सेना का इस्तेमाल ना करें.

प्रधानमंत्री मोदी ने आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ा दी है. महाराष्ट्र के लातूर में प्रधानमंत्री मोदी ने बालाकोट एयर स्ट्राइक और शहीदों के नाम पर वोट मांगा है. प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से पूछा कि क्या उनका पहला वोट शहीद जवानों के नाम हो सकता है? बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिया था कि कोई भी राजनीतिक दल सेना के नाम पर वोट नहीं मांगेगी.

“संकल्प लीजिए, जो पहला वोट डालने जा रहे हैं, मैं पूछता हूं क्या आपका पहला वोट बालाकोट में एयर स्ट्राइक करने वाले वीर जवानों के नाम हो सकता है क्या? आपका पहला वोट पुलवामा में जो वीर शहीद हुए, उनके नाम समर्पित हो सकता है?”

टीवी9 भारतवर्ष की ख़बर के अनुसार यह रैली प्रधानमंत्री मोदी ने शिव सेना नेता उद्धव ठाकरे के साथ साझा रूप से की. यहां प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा.

बता दें कि इसी साल फ़रवरी में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ के काफ़िले पर फिदायीन हमला हुआ था, जिसमें तीन दर्जन से ज्यादा सीआरपीएफ़ जवानों की जान चली गई थी. इस घटना के बाद राज्य के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने माना था कि सुरक्षा एजेंसियों की चूक की वजह से यह हमला हुआ है.

जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफ़ी ख़राब हो गए. भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान पाकिस्तान की गिरफ़्त में चले गए थे. इसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अभिनंदन की सकुशल रिहाई की घोषणा की.

अभिनंदन वर्धमान के भारत लौटने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी ने सेना के नाम पर वोट मांगना शुरू कर दिया था. इसके बाद विपक्षी दलों के शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सभी दलों को निर्देश दिया है कि चुनावी सभा में वोट लेने के लिए सेना का इस्तेमाल ना करें.

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+