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दिल्ली विश्वविद्यालय के ख़ास कार्यक्रम में मुख्य वक्ता होंगे CBI के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा, PM मोदी ने यहीं से की थी अपने प्रचार की शुरुआत

सीबीआई निदेशक के पद पर आलोक वर्मा को बहाल किए जाने के बाद पिछले हफ़्ते आयोजकों ने उन्हें आमंत्रित किया था.

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय कमेटी से हटाए जाने वाले सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा 14 फ़रवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे. इस कार्यक्रम का नाम स्टूडेंट्स यूनियन बिजनेस कन्क्लेव 2019 है. कार्यक्रम की सबसे ख़ास बात यह है कि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के लिए प्रचार अभियान का आगाज़ इसी मंच से किया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सीबीआई निदेशक के पद पर आलोक वर्मा को बहाल किए जाने के बाद पिछले हफ़्ते आयोजकों ने उन्हें आमंत्रित किया था. इस पर वर्मा ने अपनी सहमति भी दे दी थी. इस कार्यक्रम में वह सांगठनिक पहचान का निर्माण करने में अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करेंगे. इस कार्यक्रम में आलोक वर्मा के अलावा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के भी हिस्सा लेने की संभावना है.

पिछले कुछ सालों में श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स का यह कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा है. इस साल इसका आयोजन 14 से 16 फ़रवरी के बीच किया जा रहा है. 2013 में नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी महत्वाकांक्षा की शुरुआत यहीं से की थी.

फ़रवरी 2013 में इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने “वैश्विक स्तर पर उभरते बिजनेस मॉडल” विषय पर व्याख्यान दिया था. यहां नरेन्द्र मोदी ने युवा और विकास के मुद्दे पर अपना विशेष फ़ोकस रखा था. यहां उन्होंने स्वामी विवेकानंद को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बताया था.

मोदी ने कहा था, “वोट बैंक की राजनीति देश को बर्बाद कर रही है. अब देश को विकास की राजनीति की जरूरत है. अगर हम विकास की राजनीति के रास्ते पर चलते हैं, तो जल्दी ही परिवर्तन और प्रगति को हासिल कर पाएंगे.”

इससे पहले इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर दलाई लामा, मुकेश अंबानी, प्रणब मुखर्जी और स्वर्गीय ए पी जे अब्दुल कलाम भी बोल चुके हैं.पिछले साल कार्यक्रम का समापन उद्योगपति गौतम अडानी के सम्बोधन से हुआ था.

कार्यक्रम के एक आयोजक का कहना है, “तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में हर इवेंट में 24 से 25 सेशन होने हैं. मुख्य वक्ताओं के अलावा पैनल डिस्कशन का कार्यक्रम भी है. इस साल के वक्ताओं की पूरी सूची अभी तैयार की जा रही है.”

पिछले साल सीवीसी की अनुशंसा पर सरकार ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को लंबी छुट्टी पर भेज दिया था. इसके बाद बीते हफ़्ते सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को फिर से उनके पद पर बहाल किया था. इसके बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय कमेटी ने 2:1 के मत से आलोक वर्मा को एक बार फिर हटा दिया था. आलोक वर्मा सीबीआई निदेशक के पद से इसी साल 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे. हालांकि, उन्होंने सरकार को पत्र लिख कर इस्तीफ़ा सौंप दिया है. लेकिन, सरकार ने उनके इस्तीफ़े पर कोई फ़ैसला नहीं किया है.

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