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बजट भाजपा का चुनावी घोषणापत्र, चुनाव से पहले वोटरों को घूस देने की कोशिश: मल्लिकार्जुन खड़गे

मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा के पिछले पांच सालों में किए गए वादों की तरह इस बजट को भी एक जुमला बताया है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से पेश किए गए अंतरिम बजट को भाजपा का ‘चुनावी  घोषणापत्र’ करार दिया साथ ही सत्तारूढ़ पार्टी पर लोकसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने का आरोप भी लगाया.

संसद के बाहर खड़गे ने पत्रकारों से कहा कि इस बजट में भाजपा ने जो वादे किए हैं वे केवल चुनावी “जुमले”  हैं, जो पूरे नहीं होंगे क्योंकि बीजेपी के पास इस साल, मई तक शासन करने का जनादेश है.

खड़गे ने कहा कि भाजपा ने यह नहीं बताया कि उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान क्या किया है और कितने वादे पूरे किए हैं. उन्होंने लोगों के बैंक खातों में 15लाख रुपये देने के अपने “जुमले” के बारे में भी बात नहीं की, ना ही उन्होंने पांच साल में 10 करोड़ नौकरियां देने का अपना वादा पूरा किया.

खड़गे के मुताबिक, ” इस बजट में हर चीज में राजनीति है जिसमें गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है. यह बजट केवल एक चुनावी घोषणा पत्र है जिसे बीजेपी ने संसद में केवल वोट पाने के लिए पढ़ा है. जनता बहुत समझदार है, वो अब किसी भी कीमत पर बेवकूफ नहीं बनेगी.”

खड़गे ने बीजेपी पर, दलितों के लिए भी बहुत कम बजट देने और किसानों को साधने का आरोप लगाया. उनका ये भी आरोप है कि सरकार ने 10 करोड़ नौकरियां नहीं दीं और 1.2 करोड़ घरों के लिए रखा गया पैसा भी बहुत कम है. वहीं उनका कहना है कि 2.5 हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों को प्रति वर्ष केवल 6,000 रुपये मिलेंगे, जो कि केवल 500 रुपये प्रति माह है.

उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों को खुश करने के लिए चुनावों में पैसा बांट रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि पहले तीन महीनों में वे पहली किस्त में केवल 2,000 रुपये देंगे. करदाताओं को 5 लाख रुपये तक की आयकर छूट की घोषणा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के सांसद,  संसद में ‘तमाशा’  कर रहे हैं.

पीटीआई इनपुट्स पर आधारित

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