कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मीडिया इंडस्ट्री की महिलाओं का छलका दर्द, कई पत्रकारों पर लगे यौन शोषण के गंभीर आरोप

महिला पत्रकारों ने मी-टू कैंपेन में हिस्सा लेते हुए अपनी आपबीती सुनाई है।

महिलाओं के साथ हुए यौन शोषण और उत्पीड़न के ख़िलाफ आवाज़ उठाने वाली मी टू कैंपेन अब भारतीय मीडिया इंडस्ट्री की हकीकत को सामने ला रही है। कई महिला पत्रकारों ने नामी गिरामी पत्रकारों पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। ट्विटर पर महिला पत्रकारों ने अपनी आपबीती सुनाई है।

इस अभियान की शुरुआत गुरुवार को हुई जब लेखिका महिमा कुकरेजा ने कॉमेडियन उत्सव चक्रवर्ती के कारनामे के बारे में ट्विटर पर लिखा। उन्होंने कहा कि उत्सव उसे आपत्तिजनक संदेश भेजकर प्रताड़ित करता था।

इसके बाद कई अन्य महिलाओं ने भी उत्सव की हरकत को लिखा।

इसके बाद शुक्रवार को भारतीय मीडिया की कई महिला पत्रकारों ने अपनी आपबीती ट्विटर पर साझा की। महिला पत्रकारों ने टाइम्स ऑफ इंडिया, बिजनेस स्टैंडर्ड और नेटवर्क 18 जैसे कई बड़े मीडिया समूह के पत्रकारों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

 

द वायर की पत्रकार अनू भूयन ने बिजनेस स्टैंडर्ड के पत्रकार मयंक जैन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मयंक जैन ने उनके साथ जबरदस्ती यौन संबंध बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने आगे लिखा कि मयंक जैन के इस बर्ताव के कारण वे कई दिनों तक बुरी तरह से प्रभावित रहीं। उन्होंने कहा कि मयंक ने कहा था कि वह उस तरह की महिला लगती हैं, इसलिए उसने उनके साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की।

द प्रिंट की वरिष्ठ पत्रकार संध्या रमेश ने हफिंगटन पोस्ट के पत्रकार अनुराग वर्मा पर अश्लील वीडियो भेजने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि अनुराग ने एक वीडियो में उनके पास अपने जननांगों को रिकॉर्ड करके भेजा था।

इपीडब्ल्यू की पत्रकार विष्णुप्रिया भंडाराम ने लिखा कि जब वे इंटर्नशिप कर रही थीं तब हैदराबाद के एक बड़े पत्रकार ने उनके साथ यौन शोषण किया था।

स्वतंत्र पत्रकार पद्म प्रिया डी ने भी आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में द हिन्दु अख़बार के एक वरिष्ठ पत्रकार ने उनके साथ यौन शोषण किया था। उन्होंने लिखा कि पिछले साल ही उस पत्रकार का देहांत हो गया था।

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+