कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

महिला पत्रकार के साथ सोशल मीडिया पर हो रही है गाली गलौज़, प्रशासन ने साधी चुप्पी

मोदी सरकार के कार्यकाल में पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे हैं हमले

#Metoo कैंपेन का हिस्सा बन कर मीडिया और फ़िल्म जगत से जुड़ी सैंकड़ों महिलाएं अपने साथ हुए यौन शोषण और हिंसा को लेकर लगातार सामने आ रही हैं। जो मामले सामने आ रहे हैं, उसमें आरोपी भी ख़ासतौर पर मीडिया एवं फिल्म जगत से सम्बंधित हैं। यानी कि पीड़िताओं के सहकर्मी, सीनियर इत्यादि।

लेकिन, इन सबसे अलग, यौन उत्पीड़न के जिस पहलू पर बात नहीं हो रही है वो है महिला पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर अलग अलग तरीक़ों से धमकी देना, गाली-गलौज करना, भद्दी ज़बान में इन महिलाओं के बारे में बोलना। हाल ही में फ़ेसबुक के अपने एक पोस्ट में एक महिला पत्रकार ने उनको मिली एक ट्वीट की तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में जो ट्वीट है वह अमित कुमार पाण्डेय नामक एक व्यक्ति की है जो इस ट्वीट में धड़ल्ले से गाली-गलौज कर रहा है और यहां तक कि इस महिला पत्रकार को जान से मार देने की भी धमकी तक दे रहा है।

महिला पत्रकार ने अपने फेसबुक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी, मेनका गाँधी, ट्विटर और दिल्ली पुलिस को संबोधित करते हुए कहा, “पत्रकारों को मिल रहे बलात्कार और जान से मार देने की धमकियों को इज़ाज़त देने के लिए शुक्रिया। मैंने इसकी शिकायत पहले भी की थी। आपकी तरफ से कभी कोई क़दम नहीं उठाए गए।”

गौरतलब है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पत्रकार, ख़ासकर महिला पत्रकारों पर लगातार ही हमले हो रहे हैं। लेकिन, मोदी सरकार इसके ख़िलाफ़ कोई क़दम नहीं उठा रही है और कई मामलों में भाजपा के नेता आरोपियों को संरक्षण देते हुए ही नज़र आ रहे हैं।

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