कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मैं यहां सच्चाई की धारणा के साथ हूँ और इसलिए प्रिया रमानी के पक्ष में हूँ – राजू नरिसेट्टी

मिंट के संस्थापक राजू ने एम जे अकबर पर आरोप लगाने वाली महिलाओं का समर्थन किया।

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को रविवार को एमजे अकबर द्वारा सिरे से ख़ारिज करने के बाद सोमवार को पत्रकार प्रिया रमानी पर निजी आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दायर कर दिया।

हाल ही में इकोनॉमिक टाइम्स ब्लॉग पर प्रकाशित हुए एक पोस्ट का जवाब देते हुए मिंट के वरिष्ठ मीडिया कार्यकारी राजू नरिसेट्टी ने कहा कि अकबर का आरोपों से इनकार करना और उन महिलाएं जिन्होंने आरोप लगाया है दोनों पर एक ही तरह से सबूत दिखाने का बोझ नहीं डाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह दोनों को एक ही तरह से तुलना करने के कारण ही महिलाएं आगे नहीं आती हैं।

https://twitter.com/raju/status/1051689627105382400

गौरतलब है कि नरिसेट्टी उन कुछ मीडिया अधिकारियों में से एक है जिन्होंने पीड़ितों के लिए अपना समर्थन दिया है।

उन्होंने यह भी कहा मैं अपराध की धारणा बनाने वालों में से नहीं हूँ। लेकिन मैं यहां सच्चाई की धारणा के साथ हूँ और इसलिए प्रिया रमानी के पक्ष में हूँ।

https://twitter.com/raju/status/1051691252939337728

ज्ञात हो कि अकबर पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई पर भरोसे को इस तथ्य से भी बल मिला है कि इनमें से कई आरोपित घटनाएं उस समय की हैं जब अकबर “द एशियन एज” में काम करते थे, जिसे उन्होंने में स्थापित किया था और तक इसका हिस्सा बने रहे थे। इसके अलावा, सभी आरोपों में अकबर के आपराधिक व्यवहार का समान पैटर्न स्थापित होता है|

हाल ही में कैंपेन में वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी वह पहली महिला हैं जिन्होंने एम जे अकबर पर सार्वजनिक रूप से यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। अक्टूबर को उन्होंने ट्विटर पर “वोग इंडिया” के लिए पिछले साल लिखा एक लेख साझा किया। “टू द हार्वे विनस्टीन्स ऑफ़ द वर्ल्ड” के शीर्षक वाले इस लेख में रमानी ने लिखा था कि दो दशक पहले उन्हें एक साक्षात्कार के लिए एक होटल के कमरे में आमंत्रित किया गया था जहां ऊंचे पद पर बैठे एक पुरुष ने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया था। हालांकि मूल रूप से लेख में अकबर का नाम नहीं है लेकिन बाद में उन्होंने अकबर को अपने ट्वीट में आरोपी के रूप में नामित किया है।

रमानी के ख़ुलासा करने के बाद अन्य महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर द्वारा उत्पीड़ित किए जाने की अपनी कहानियाँ साझा की हैं। सीनियर पत्रकार और लेखक गज़ाला वहाब ने द वायर में लिखा था कि कैसे 1997 में द एशियन एज में अकबर के अधीन काम करते हुए उन्होंने वहाब के साथ यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की थी।
प्रसिद्ध समाचार संसथान सीएनएन के साथ काम कर रहीं पत्रकार डी पाई कैंप भी आगे आईं और उन्होंने बताया कि अकबर ने उन्हें में उत्पीड़ित किया था जब वह वर्षीय थी और द एशियन एज में एक इंटर्न के रूप में काम कर रही थीं। उन्होंने लिखा कि अकबर ने उनसे छेड़छाड़ की। इस घटना के बारे में उन्होंने अपने पिता को बताया था जो अकबर को जानते थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह साबित करने के लिए उनके पास ईमेल हैं क्योंकि उनके पिता ने अकबर से इस बारे में सीधे बात की थी।

द एशियन एज की निवासी संपादक पत्रकार सुपर्ना शर्मा ने भी आरोप लगाया कि अकबर ने उनके ब्रा स्ट्रैप को खींचा था और उनके स्तनों को भी घूरा था।
अकबर पर आरोप लगाने वाले अन्य पत्रकारों में सबा नक़वी, कनिका गहलोत और शुतपा पॉल शामिल हैं।

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