कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

बीएचयू में छात्राओं के साथ फिर बदसलूकी, प्रॉक्टर ने छात्राओं से की मारपीट- छात्रा के कान का पर्दा फटा

पीड़ित छात्राओं का आरोप है चीफ प्रॉक्टर का रैवया कॉलेज में तानाशाही भरा है.

छात्राओं के साथ बदसलूकी को लेकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) एकबार फिर चर्चा में है. ताज़ा मामले में विश्वविद्यालय के चीफ़ प्रॉक्टर पर कथित आरोप है कि उन्होंने छात्राओं के साथ मारपीट की. उनका रवैया छात्राओं के प्रति अच्छा नहीं है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक़ नर्सिंग की छात्राओं ने प्रॉक्टर पर आरोप लगाया है कि बीते दिनों नर्सिंग छात्राएं मान्यता को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही थी. तभी कॉलेज की प्रॉक्टर रोयाना सिंह अपने कुछ सुरक्षाकर्मियों के साथ वहां पहुंची और छात्राओं के साथ बदसलूकी व मारपीट करने लगी. मारपीट के दौरान चीफ प्रॉक्टर ने कॉलेज की एक छात्रा मंजू कुमारी को कान पर थप्पड़ मार दिया. जिसकी वजह से पीड़िता के कान का पर्दा फट गया. पूरे मामले की शिकायत को लेकर पीड़ित छात्राएं 1 दिसंबर को लंका पुलिस स्टेशन पहुंची और चीफ प्रॉक्टर सिंह के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज करवाया.

पीड़ित छात्रा ने बताया कि “हम धरना प्रदर्शन में बैठे थे तभी चीफ प्रॉक्टर वहां पहुंची और उन्होंने बिना कुछ पूछे छात्राओं के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी. मारपीट के दौरान चीफ प्रॉक्टर ने मुझे थप्पड़ मारा. थप्पड़ के बाद मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था. लेकिन मैं उस समय प्रदर्शन को छोड़कर जाना नहीं चाहती थी. इसलिए मैंने उस समय कान का चेकअप नहीं करवाया. लेकिन 1-2 दिन बाद भी जब कान सही नहीं हुआ तो मैंने मेडिकल करवाया. जिसमें पता चला कि मेरे कान का पर्दा फट गया है. डॉक्टर ने कहा कि दवाई के जरिए 3 महीने तक इलाज होगा लेकिन अगर दवाईओं के बाद भी सही नहीं हुआ तो ऑपरेशन भी करना पड़ सकता है और अगर दवाईओं से सुधार आता है तो इसका इलाज 10 सालों तक चलेगा.”

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