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राफ़ेल विमानों की क़ीमत पर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने जताई थी आपत्ति, मंत्रालय ने मानने से कर दिया था इनकार

कैग के पास उस आपत्ति के साक्ष्य अभी भी मौजूद हैं और उसका अध्ययन किया जा रहा है।

राफ़ेल विमान सौदे को लेकर नया खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि 2016 में राफ़ेल डील के फाइनल होने के पहले रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने विमानों की कीमत को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसे मंत्रालय ने खारिज कर दिया।

इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक सितंबर 2016 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और उनके फ्रांसीसी समकक्ष के बीच सौदा होना था, इससे एक महीना पहले रक्षा मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी ने मानक कीमत को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इस आपत्ति की वजह से डील में देरी भी हुई, लेकिन आखिरकार इसे मंजूरी दे ही दी गई। रक्षा मंत्रालय के अधिकारी द्वारा दर्ज़ की गई आपत्ति अभी भी कैग के पास मौजूद है। फिलहाल इस आपत्ति का अध्ययन किया जा रहा है।

इंडियनएक्सप्रेस के मुताबिक संसद के आगामी सत्र में कैग इस रिपोर्ट को पेश कर सकता है। बता दें कि रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने 36 राफेल विमान की क़ीमतों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी, जो पिछले सौदे से ज्यादा थी।

गौरतलब है कि अप्रैल 2015 में पीएम मोदी की पेरिस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच यह सौदा किया गया था। इसमें 2007 के सौदे को बदल दिया गया था, जिसमें 126 राफ़ेल जेट्स खरीदने की बात कही गई थी।

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