कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मणिपुर में सुपरफ्लॉप हुई मोदी जी की रैली, पुलिस ने दिखाया डंडे का भय, मुख्यमंत्री ने हाथ-पैर जोड़ा फिर भी नहीं रूकी जनता

"कम से कम मणिपुर और नॉर्थ ईस्ट के लिए प्रधानमंत्री जी का संदेश को तो सुन लीजिए."

मणिपुर के इम्फाल में प्रधानमंत्री मोदी ने बीते 7 अप्रैल को एक सभा को संबोधित किया था. अब इसकी रैली से यह सच्चाई सामने आ रही है कि यहां प्रधानमंत्री की रैली में शामिल होने आए लोग प्रधानमंत्री के आने से पहले ही सभास्थल छोड़ कर जाने को बेताब थे, लेकिन मणिपुर भाजपा के नेता और पुलिस कर्मियों ने बलपूर्वक लोगों को प्रधानमंत्री की सभा में बिठाए रखा. इसके साथ साथ भाजपा नेताओं ने कई तरह के अजीबो गरीब प्रयास भी किए, लेकिन जनता इस रैली में रूकने को तैयार नहीं थी.

रैली में लोगों को रूकाए रखने के लिए ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री राज थोंगम विश्वजीत सिंह ने कहा, “कम से कम मणिपुर और नॉर्थ ईस्ट के लिए प्रधानमंत्री जी का संदेश को तो सुन लीजिए.” यह बात बोलने के पीछे विश्वजीत सिंह की मजबूरी थी. उन्हें पार्टी के नेताओं ने आकर बता दिया था कि भीड़ अब रैली से रुख़सत करने लगी है. उन्होंने अपने अपील में खासकर छात्रों और महिलाओं से रूकने की विनती की. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के आने तक भीड़ ऐसे ही इंतजार करती रहे.

हालांकि मंत्री जी की यह अपील काम नहीं आई. लोगों ने निकास द्वार की ओर बढ़ना शुरू कर दिया. इसके बाद उन्होंने नया शिगुफ़ा छोड़ा, “मैं आपलोगों से विनती करता हूं कि 10 मिनट और इंतजार कीजिए. प्रधानमंत्री जी 10 मिनट में यहां पहुंचने वाले हैं. दस मिनट का इंतजार कोई मायने नहीं रखता. मैं जैसे ही अपना भाषण पूरा करूंगा, प्रधानमंत्री हमारे बीच आ चुके होंगे. हम सब सुनेंगे कि मणिपुर के लिए प्रधानमंत्री जी ने कौन सी योजनाएं बना रखी हैं.” इसके बाद विश्वजीत सिंह चुप हो गए और अपने सहयोगी भाजपा नेताओं की बातें सुनने लगे. उन्होंने अपने सहयोगियों से पूछा कि क्या जनता को रोके रखने के लिए म्यूजिक बजाया जाना चाहिए?

इसके बाद भीड़ को संबोधित करते हुए विश्वजीत सिंह ने कहा, “क्या अभी इंतजार करते हुए हमें म्यूजिक सुनना चाहिए? चूंकि सभी लोग रैली छोड़कर जा रहे हैं, तो क्या यह अच्छा नहीं होगा कि हमलोग गाने सुनें और थोड़ा देर और इंतजार करें.” इसके बाद उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता यहां कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के झूठ को बेनकाब करने के लिए आए हैं. उन्होंने कहा, “क्या हम मणिपुर के लिए कांग्रेस के झूठे वादे की बात करें या फिर गाने सुनें?”

उनकी बात पूरी होने से पहले ही दर्शकों की ओर से आवाज़ आई कि म्यूजिक बजाया जाए.

भीड़ को बाहर की ओर जाते हुए देखकर अब राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह उठ खड़े हुए. उन्होंने कहा, “नॉर्थ ईस्ट के दूसरे हिस्से में प्रधानमंत्री की रैली हो रही है, जिसके कारण हमें इंतजार करना पड़ रहा है. सभी लोग प्रधानमंत्री जी का इंतजार करें और उनके भाषण को जरूर सुनें.” लेकिन, भीड़ के सामने मुख्यमंत्री जी की अपील भी धरी की धरी रह गई.

इसके बाद विश्वजीत सिंह ने फिर कहा, “हमारे पास सुझाव आया है कि लोगों को तरोताजा करने के लिए भाषणों की बजाय अब म्यूजिक बजाया जाएगा. दरअसल, हमने कांग्रेस को बेनकाब करने की योजना बना रखी थी, लेकिन अब हम इसे अगली बार कभी करेंगे.”

समाचार वेबसाइट मणिपुर टॉक्स के मुताबिक इसी समय पुलिस ने भीड़ को रैली से बाहर ना निकलने के लिए बल का प्रयोग किया. विडियो में देखा जा सकता है कि लोगों को रोके रखने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है.

सोशल मीडिया पर वायरल एक अन्य विडियो में देखा जा सकता है कि दो औरतें बंद दरवाजे को पार कर बाहर निकलना चाहती हैं. उनमें से एक औरत का कहना है, “यहां नरेन्द्र मोदी आकर क्या करने जा रहे हैं!” इसके बाद बाहर निकलने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी, जिसके कारण गेट को खोलना पड़ा.

यहां ध्यान देने की बात है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ और महाराष्ट्र के वर्धा में प्रधानमंत्री मोदी की रैली फ्लॉप रही है. कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में भी प्रधानमंत्री मोदी की सभा शुरू होने के पहले भीड़ ने रूख़सत होना शुरू कर दिया था.

(यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में लिखी गई है. मूल रिपोर्ट को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)

 

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