कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मूर्ति पर लुटाया 3000 करोड़, अब पोलियो टीके के लिए नहीं हैं पैसे, विदेशों से चंदा मांग रही 56 इंची सरकार

तीन हजार करोड़ की लागत से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण करने वाली मोदी सरकार ने विदेशी संस्था गवी के पास मदद की गुहार लगाई है.

गुजरात में 3000 करोड़ की लागत से सरदार पटेल की मूर्ति बनाने वाली मोदी सरकार अब पोलियो के टीका के लिए विदेशों से चंदा मांगने में जुटी है.

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक पोलियो के टीका के दामों में बढ़ोतरी हो रही है, जिसके बाद भारत के बजट में कम से कम 100 करोड़ की बढ़ोतरी करनी पड़ी है. रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट घटा दिया है, जिसके कारण यह समस्या पैदा हुई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व भर में पोलियो का टीका (इंजेक्टेबल पोलियोवायरस वैक्सिन) की कमी हुई है, इसे देखते हुए इसकी निर्माता कंपनी सनोफी ने दामों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है.

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक पोलियो के टीके में इस प्रकार की कमी दर्ज होने से अब नवजात बच्चों को पोलियो का टीका दिलाने में दिक्कत होगी. ग़ौरतलब है कि इसी टीके की वजह से भारत को पोलियो मुक्त देश का दर्जा मिला हुआ है.

यूनिसेफ़ के अनुसार भारत में पोलियो के टीके का दाम 2019 में प्रति डोज (0.75 यूरो)61 रुपए से बढ़कर 1.81 यूरो (147 रुपए) हो जाएगी. 2020 से 2022 तक इसके प्रति डोज (2.81 यूरो) 177 रुपए हो जाने का अनुमान है.

रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने गरीब देशों की मदद करने वाली संस्था गवी के पास मदद की गुहार लगाई है.

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