कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

शिव ‘राज’ में उनके महानगर हैं महिला और बाल विकास के मामलों में सबसे नीचे

महिला व बाल विकास विभाग द्वारा जारी रैंकिंग में भोपाल को 50 वां, ग्वालियर को 43 वां और इंदौर को 32 वां स्थान मिला

कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश को मानव विकास, सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं और बच्चे से जुड़े मामलों को तवज्जो देने वाली संस्था पब्लिक अफेयर्स सेंटर (पैक) के बेस्ट गवर्नेंस वाले राज्यों की सूची में सबसे निचला स्थान प्राप्त हुआ था। अब राज्य के महिला व बाल विकास विभाग की मासिक रिपोर्ट में प्रदेश के चारों महानगर फिसड्डी साबित हुए हैं।

दरअसल, विभाग अपने द्वारा संचालित होने वाली योजनाओं का हर शहर में समीक्षा करता है,और उनके अनुसार हर माह शहरों की रैंकिंग ज़ारी करता है।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार इस रैंकिग में भोपाल जैसे शहर को 50वां स्थान मिला है। इसके अलावा ग्वालियर को 43 वां, इंदौर को 32 वां और जबलपुर को 14 वां स्थान मिला है। सतत निगरानी और नए प्रयोग होने से खंडवा को पहला स्थान मिला है। गौर करने की बात यह है कि अगर राज्य के महानगरों की इतनी ख़राब है तो फिर बाकी शहरों और कस्बों की क्या हालत होगी।

महिला व बाल विकास विभाग रिपोर्ट तैयार करने के लिए स्कूल पर्व, अनौपचारिक शिक्षा, पोषण आहार, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, स्वास्थ्य व पोषण, शिक्षा,डोर टू डोर सर्वे सहित 25 बिंदुओं पर दी जा रही सेवाओं का आंकलन करता है। इसके बाद राज्यस्तीय रैंकिंग तय की जाती है।

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