कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

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ग्राउंड रिपोर्ट: डिजिटल इंडिया ले डूबेगा बिहार के किसानों का फ़सल, बीज ना मिलने से परेशान हजारों किसान

किसानों का कहना है कि जिला से लेकर राज्य स्तर के अधिकारी जमाखोरी की नियत से बीज नहीं दे रहे हैं.

ग्राउंड रिपोर्ट : मोदी जी! बनारस से उजाड़ दी गई दलित बस्ती, कंपकपाती ठंड में अब कहां जाए ये 40 परिवार?

जेबी सहनी कहती हैं कि मोदी जी गरीबी हटाने की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में वो ग़रीबों को ही हटा रहे हैं.

बेपरवाह तरीके से देशभर में NRC लागू करने को बेचैन अमित शाह, पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के विचार भी भयावह

इस फ़ैसले से देश की आत्मा को चोट पहुंचेगी और भारत के धर्म-निरपेक्ष लोकतांत्रिक संविधान की भी धज्जियां उड़ेंगी.

ट्रांसजेंडर बिल से उठे सवाल और क्वीर प्राइड परेड 2019

इस बिल का पास होना दर्शाता है कि तमाम विरोधों के बावजूद यह सरकार अपने मन की करने वाली है और यहां धीमे स्वर में निकलने वाले आवाज़ों को सुना जाना अब असंभव है.

देश पर थोपा जा रहा “एक समान सोच” का बोझ, असहमति की आवाज़ पर बरसाई जा रही लाठियां

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1952 और 1957 के चुनाव में कहा था कि मैं एक नहीं, दो नहीं बल्कि अपने जीवन का सारा चुनाव हारने को तैयार हूं पर धर्म-निरपेक्षता से कभी समझौता नहीं करूंगा.

वाह न्यू इंडिया! मूर्तियों पर लुटाओ हजारों करोड़, JNU के छात्रों पर बरसाओ लाठियां

जैसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से हमारे भीतर एकता और राष्ट्रवाद की भावना जग गई उसी तरह स्टैच्यू ऑफ मां सरस्वती बना देना चाहिए, इससे हम विश्वगुरु बन जाएंगे.

बिकेगा बिकेगा भारत पेट्रोलियम, विचित्र मंत्री का एलान: रवीश कुमार

अर्थव्यवस्था पतन की ओर अग्रसर है. झूठ चरम पर है. भारत की अर्थव्यवस्था विचित्र मोड़ में चली गई है. इसलिए वित्त मंत्री भी विचित्र मंत्री हो गई हैं.

आज आएगा अयोध्या मामले का फ़ैसला, बंद कर दें न्यूज़ चैनल और सामान्य रहें: रवीश कुमार

किसी एंकर के चिल्लाने से तनाव मत लीजिए. मुस्कुराइये. जो घबराया हुआ मिले उसे पकड़ कर चाय पिलाइये. कहिए रिलैक्स. टेंशन मत लो.

वादा करो कि खुद को कभी भी अपने ही बंधनों में नहीं बांधोगी: दो अजनबी दोस्तों की इलेक्ट्रॉनिक चिट्ठियां

अपने जीवन में तुमने ना सिर्फ अपने पति को खोया है बल्कि पति की चाहत पूरी करने की कोशिश में खुद को ठगा भी है.

भारत को अंधेरे खोह में लेकर जाता अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला

कई बौद्ध स्तूपों को तोड़ कर मंदिर बना दिए गए. तो क्या हम इन मंदिरों की जगह पर फिर से बौद्ध स्तूप बनाने की वकालत करेंगे? भारत के उन आदिवासी समूहों के पूजा स्थलों का क्या जिन्हें बलपूर्वक हिन्दू धर्म स्थलों में बदल दिए गए?

ग्राउंड रिपोर्ट: मोदी जी! बनारस के इस गांव में 200 से ज्यादा विकलांग, नाम नहीं इनके हालात बदलिए

ऐसा कहा जाता है कि इस गांव के भू-जल में केमिकल है जिसकी वजह से यहां के लोग विकलांग हो जाते हैं.

हे धर्मवीरों! आपकी मातृभाषाएं मर रही हैं, उन्हें बचा लो

आज एक पत्रकार को नहीं मालूम कि प्रेमचंद इस दुनिया में हैं भी या नहीं. इस काल को हिन्दी का सबसे बुरा युग समझना चाहिए.
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