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मध्यप्रदेश : माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में अनियमितता की जांच के लिए बनी समिति, 15 दिनों के भीतर सौंपना होगा रिपोर्ट

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बहाल किए गए पूर्व कुलपति बीके कुठियाला द्वारा लिए गए फ़ैसले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है.

मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के शासन के दौरान हुई गतिविधियों की जांच के आदेश दिए हैं. इस जांच के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने तीन सदस्यों की एक समिति का गठन किया है.

इस समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव जनसंपर्क एम. गोपाल रेड्डी करेंगे. साथ ही इस समिति में मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी भूपेंद्र गुप्ता और विंध्याचल डेरी ग्राम गोरा, भोपाल के संदीप दीक्षित भी होंगे. यह समिति 15 दिनों में विश्वविद्यालय  में जांच पूरी कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

नेशनल हेराल्ड के मुताबिक इससे पहले भारतीय पत्रकार संघ और अखिल भारतीय धर्मनिरपेक्ष मंच ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय के मामलों की जांच की मांग की थी. मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुठियाला ने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय को आरएसएस के इशारे पर और आरएसएस की विचारधारा के अनुरूप ही चलाया. आरोप है कि बीके कुठियाला के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में हुई सभी गतिविधियां आरएसएस द्वारा ही निधारित की जाती थी.

बीके कुठियाला पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम को भी आरएसएस की विचारधारा के अनुरूप ही बदल दिया था. इसी के तहत बीके कुठियाला ने पाठ्यक्रम से देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से संबंधित पाठों को हटा दिया. मुख्यमंत्री कमलनाथ से पहले यह ज्ञापन तत्कालीन प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मार्कंडेय काटजू को भी सौंपा गया था. उन्होंने विश्वविद्यालय के मामलों में सुधार के लिए भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी.

अब राज्य सरकार ने खुद जांच समिति गठित कर समिति से अपनी रिपोर्ट को 15 दिनों के भीतर तैयार करने को कहा गया है.

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