कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मध्यप्रदेश: मोदी सरकार की एजेंट बनी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, लोगों से कहा- मोदी साहब का ध्यान रखो

कांग्रेस ने कहा कि आनंदीबेन पटेल को अगर भाजपा की कार्यकर्ता बनकर काम करना है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

अगले कुछ महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह अपने आसपास खड़े लोगों को कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ध्यान रखने के लिए कह रही हैं.

कांग्रेस ने इस पर एतराज जताते हुए राज्यपाल पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उन्हें भाजपा का कार्यकर्ता बनकर काम करना है तो उन्हें संवैधानिक पद की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

रीवा जिले के गुढ़ में स्थापित विश्व का सबसे बड़ा अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्लांट देखने के बाद इस प्लांट के आसपास के गाँवों के लोगों से शनिवार को अनौपचारिक चर्चा करते हुए आनंदीबेन का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है, जिसमें वह कह रहीं हैं, ‘‘चलिए बहुत अच्छा प्रोजेक्ट (अल्ट्रा मेगा सोलर पावर प्लांट) हो रहा है. उसका लाभ आप सबको मिलेगा.’’

इस पर इस वीडियो में वहां मौजूद लोगों में से एक व्यक्ति कह रहा है, ‘‘आपसे (राज्यपाल) हम सब सीधे रूबरू हो रहे हैं. अच्छा लग रहा है. आप पधारी हैं. हम सब मिल रहे हैं. फिर ऐसा ही सहयोग बनता रहे.’’ इसके जवाब में राज्यपाल कह रही हैं, ‘‘ऐसा कई (बार) आयेगा. मोदी साहब पर ध्यान रखो.’’

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने राज्यपाल के इस वीडियो पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘‘राज्यपाल भाजपा की कार्यकर्ता की तरह काम कर रहीं हैं. अगर राज्यपाल को भाजपा की कार्यकर्ता बनकर ही काम करना है तो पद से इस्तीफ़ा दें और जाकर लोकसभा चुनाव लड़ें.’’

उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है. इससे पहले वह चित्रकूट दौरे के वक्त सतना एयरपोर्ट पर भाजपा पदाधिकारियों को जीत का मंत्र देते हुए विवादों में आई थीं. शोभा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी राज्यपाल ने विधानसभा में अभिभाषण के दौरान भाजपा के प्रति निष्ठा दिखाई थी. कांग्रेस के क़र्ज़माफ़ी के बिन्दु को पढ़ा ही नहीं और बिना भाषण में लिखे भाजपा के नारे को पढ़ दिया.

वहीं, भोपाल सीट से भाजपा सांसद आलोक संजर ने कांग्रेस पर संवैधानिक पदों का सम्मान न करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘राज्यपाल ने मोदी जी पर ध्यान रखने की बात कही है. इसमें क्या गलत है। मोदी जी देश के प्रधानमंत्री हैं. राज्यपाल का मतलब था कि मोदी जी द्वारा शुरू की गई स्वच्छ भारत अभियान एवं उज्ज्वला जैसी विभिन्न योजनाओं का फायदा लें.’’

You can also read NewsCentral24x7 in English.Click here
+