कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

सिंगरौली: ऐश डैम फूटने से सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद, घरों में घुसा राख और पानी का कीचड़

पीडितों  का कहना है कि अब हमारी फसलों का क्या होगा? राख भर जाने के कारण उपज प्रभावित हो गई. अगर ऐश डैम नहीं हटाया गया तो गांव में महामारी फैल जाएगी.

मध्यप्रदेश के सिंगरौली ज़िले के बधौरा में स्थित एस्सार पावर प्लांट से निकलने वाले राख का ऐश ड्राइक डैम बीते बुधवार की रात अचानक फूट गया. इससे  कर्सुआलाल और खैराही गांव के लोगों के सर पर राख के रूप में आफत आ गई.

करीब दो सौ एकड़ से अधिक लहराती फसल राख के ढेर में तब्दील हो गई है. कई घर जमींदोज हो गए, जबकि कुछ घरों में राख भरने के कारण सामान पूरी तरह से नष्ट हो चुका है.

डैम फूटने के कारण पांच बच्चे कीचड़ में फंस गए. जिन्हें ग्रामीणों व प्रशासन की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला गया.

कीचड़ में फंसे बच्चों को ग्रामीणों और प्रशासिक अधिकारियों ने बाहर निकाला.

गांव की ज़मीन राख की ढेर में बदल गई है और उसे दोबारा खेती योग्य बनाना इतना आसान नहीं होगा. ग़ौरतलब है कि हादसे के 24 घंटे बाद भी प्रभावित इलाकों को कंपनी और प्रशासन से मदद नहीं मिली. जिसके कारण घरों के भीतर और सड़कों पर राख और पानी का कीचड़ बिखरा रहा.

वहीं कंपनी प्रबंधन अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए कुछ अज्ञात लोगों पर बांध डैमेज करने का आरोप लगा रही है. जबकि ऐश डैम कंपनी में सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बावजूद अज्ञात लोग बांध तक कैसे पहुंच गए. बता दें कि बांध को पत्थर पिचिंग के जरिए बनाया जाना था लेकिन कंपनी मिट्टी से बांध का निर्माण किया.

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय प्रबंधक ने  मौके पर पहुंच कर इलाके का मुआयना किया है. हालांकि उन्होंने मीडिया से इस विषय में कोई बातचीत नहीं की. ऐश ड्राइक डैम किसकी लापरवाही से फूटा इसकी जिम्मेदारी कोई लेने को तैयार नहीं है.

पीडितों  का कहना है कि अब हमारी फसलों का क्या होगा. राख भर जाने के कारण उपज प्रभावित हो गई. अगर ऐश डैम नहीं हटाया गया तो गांव में महामारी फैल जाएगी.

कीचड़ से बर्बाद फसल

एसडीएम विकास सिंह ने कहा, “हमने कर्मचारियों को सर्वे करने के लिए काम पर लगा दिया है. जिनका नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजे की राशि दिलाई जायेगी. साथ ही एस्सार पावर प्लांट समूह पर लापरवाही बरतने के लिए उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है.”

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यपालन मंत्री एसडी बाल्मीकि ने कहा कि ऐश डैम की वजह से फसल नष्ट हो गई है और अगर ऐश ड्राइक डैम को हटाया नहीं गया तो महामारी फैलने का डर बना है.

एस्सार पावर के ऐश ड्राइक डैम फूटने से आस-पास के इकाले के किसानों के भारी नुकसान को देखते हुए कलेक्टर के.वी.एस चौधरी के निर्देश पर राजस्व अमले ने सर्वे किया. सर्वे के प्रारंभिक आकलन में 50 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है. हालांकि यह राशि अभी बढ़ भी सकती है.

कलेक्टर के.वी.एस चौधरी द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस्सार पावर एमपी लिमिटेड बधौरा को 10 अगस्त को पत्र लिखा. जिसमें एस्सार के सीईओ को निर्देशित किया गया है कि बीते 7 अगस्त को एस्सार पावर का ऐश ड्राइक डैम अचानक फूट जाने के कारण आस-पास के पूरे इलाके में राख मिश्रित पानी का कीचड़ भर गया है.

इसकी वजह से कर्सुआलाल तथा खैराही गांव के किसानों की फसल व अन्य परिसंपत्ति की क्षति का प्रारंभिक आंकलन किया गया है. जिसके अनुसार करीब 50 लाख रूपए की क्षति आंकी गई है.

कलेक्टर के.वी.एस चौधरी द्वारा सीईओ एस्सार पावर को निर्देशित किया है कि 50  लाख रूपए की डीडी तत्काल कलेक्टर ज़िला सिंगरौली के नाम जमा कराना सुनिश्चित करें. विस्तृत सर्वे में यदि राशि बढ़ती है तो उसकी मांग एस्सार प्रबंधन से की जाएगी.

बता दें कि सिंगरौली ज़िले में कई पावर प्लांट मौजूद है. प्रदूषण के मामले में गाजियाबाद के बाद सिंगरौली ज़िला दूसरे पायदान पर है. लेकिन अब प्रदूषण के साथ पावर प्लांट से निकलने वाली ऐश ड्राइक ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है.

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