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शर्मनाक: मध्यप्रदेश में गोकशी के आरोप में गिरफ़्तार तीन मुस्लिम युवकों पर लगा रासुका

रासुका के तहत गिरफ़्तार लोगों को लंबे समय तक बंदी बनाकर रखा जाता है.

मध्यप्रदेश की नई नवेली कमलनाथ सरकार ने गोकशी के आरोप में गिरफ़्तार तीन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का मुक़दमा दर्ज किया है. इन्हें प्रदेश के खंडवा जिले से गिरफ़्तार किया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक नदीम, शकील और आज़म को पहले मध्यप्रदेश गोहत्या निषेध अधिनियम के तहत गिरफ़्तार किया गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने इन पर रासुका के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया.

मोहगट पुलिस थाने के इंचार्ज मोहन सिंगोर का कहना है, “शुक्रवार को आज़म मौके से फ़रार हो गया. इसके बाद बजरंग दल ने उसकी गिरफ़्तारी ना होने पर सड़कों पर प्रदर्शन करने की बात कही थी. सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए आज़म की गिरफ़्तारी की गई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यह गिरफ़्तारी जरूरी थी.”

उन्होंने कहा, ” इससे पहले भी नदीम पर यही धारा लगाई गई थी. हमारे मुख़बिरों ने ख़बर दी थी कि नदीम दूध रखने वाले कंटेनर में मीट की सप्लाई करता है.”

पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान सरकार ने गौकशी के आरोप में लोगों पर धड़ल्ली से रासुका के तहत मुक़दमा दर्ज किया था. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भाजपा सरकार ने 2007 से 2016 के बीच 22 लोगों पर रासुका के तहत मुक़दमा दर्ज किया था. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनने के बाद यह इस तरह का पहला मामला है. बता दें कि रासुका के तहत गिरफ़्तार लोगों को लंबे समय तक बंदी बनाकर रखा जाता है.

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