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मुंबई फुट ओवरब्रिज हादसे में बड़ा खुलासा: 6 महीने पहले ही पुल को बताया गया था फिट

साल 2016 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत पुल के उत्तरी छोर को सिर्फ सौंदर्यीकरण के लिए लिया गया था. लेकिन इसकी मरम्मत को लेकर कोई काम नहीं हुआ.

दक्षिणी मुंबई में बीते गुरुवार को गिरे फुट ओवरब्रिज मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. महज 6 महीने पहले इस फुट ओवरब्रिज को क्लीन चिट देते हुए उपयोग के लिए सही घोषित किया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार हादसे से करीब 6 महीने पहले एक संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट में इस फुट ओवरब्रिज को उपयोग के लिए फिट घोषित किया गया था.

इस हादसे के बाद ओवरब्रिज को लेकर किए गये सर्वेक्षण पर सवाल खड़े हो गए हैं. नगर पालिका द्वारा नियुक्त किए गए ठेकेदारों ने पिछले दो सालों में मुंबई में 314 पुलों, सबवे और स्काईवॉक को ऑडिट किया था.

बीएमसी कमिश्नर अजॉय मेहता ने कहा, “स्ट्रक्चरल ऑडिट से जुड़े दस्तावेजों मांगे गए हैं. दस्तावेजों के आने के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा. इसमें लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.”

एक अधिकारी ने बताया कि फुट ओवरब्रिज लगभग 35 साल पुराना है. इसकी अंतिम बार मरम्मत साल 2010-11 में गई थी. साल 2016 में  स्वच्छ भारत अभियान के तहत  पुल के उत्तरी छोर को सिर्फ सौंदर्यीकरण के लिए लिया गया था. जिसमें पुल की टाइलों को बदलना और नया पेंट करना शामिल था. लेकिन पुल की मरम्मत को लेकर कोई काम नहीं हुआ.

ग़ौरतलब है कि इस साल जनवरी में  बीएमसी ने 65 करोड़ रुपए खर्च करके 50 से अधिक पुलों, फ्लाईओवर, फुट ओवरब्रिज और स्काईवॉक की मरम्मत को मंजूरी दी थी. अधिकारियों का कहना है  कि संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट में सीएसटी पर पुल जो गुरुवार को ढह गया था, उसे “फिट” के रूप में चिह्नित किया गया था और उसमें सिर्फ “मामूली मरम्मत” के लिए सिफारिश की गई थी.

वहीं ऑडिट ने 314 पुलों में सिर्फ 14 पुलों के लिए विध्वंस और पुनर्निर्माण की सिफारिश की थी, जिनमें पांच फुट ओवरब्रिज शामिल हैं. वहीं अन्य  47 पुलों में बड़ी मरम्मत और 176 पुलों  के मामले में मामूली मरम्मत की जरूरत को दर्शाया गया था. बाकि 77 पुलों को “अच्छी स्थिति” में घोषित किया गया था.

अधिकारियों ने कहा कि दक्षिणी मुंबई में तीन एफओबी – येलो गेट एफओबी (पी डी’मेलो रोड) और मरीन लाइन्स रेलवे स्टेशन के पास दो एफओबी का पुनर्निर्माण किया जाना था. पुनर्निर्माण और मामूली मरम्मत कार्यों की अनुमानित लागत 277 करोड़ रुपये है. लेकिन, बीएमसी ने साल 2019-20 में इसके लिए 108 करोड़ रुपए रखे हैं. वहीं, एक अधिकारी ने कहा कि हाल ही में मामूली मरम्मत के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे.

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